उझानी,(बदायूं)। ब्लाक क्षेत्र के गांव सिरसौली में सोमवार को एक बार फिर जंगली सुअर घूमता नजर आया जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कड़ाके की ठंड के बाबजूद जंगली सुअर से खेती और इंसानों की रक्षा करने के लिए कई गांवों के ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला। इधर भाकियू के मंडल प्रवक्ता ने जंगली सुअर को पकड़वाने में प्रशासनिक स्तर की जा रही हीलाहवाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए एक ज्ञापन डीएम को भेजा है और चेतावनी दी है कि अगर दो जनवरी तक जंगली सुअर को न पकड़ा गया तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।
सोमवार को सिरसौली के जंगल में एक बार फिर जंगली सुअर दिखने पर खेतों में काम कर रहे किसानों ने वहां से भाग कर गांव में आकर सूचना दी जिस पर सिरसौली समेत जिरौली व अन्य गांवों के ग्रामीणों ने जंगली सुअर से बचाव को मोर्चा संभाला लेकिन सुअर ग्रामीणों की चहल पहल से जंगल की ओर निकल गया। ग्रामीणों का कहना हैं कि जंगली सुअर वन दरोगा पर हमला कर उसे घायल कर चुका है फिर भी प्रशासन उसे पकड़वाने के लिए हीलाहवाली करने में लगा हुआ है। भाकियू के मंडल प्रवक्ता राजेश सक्सेना ने डीएम को एक ज्ञापन भेजा है जिसमें कहा गया है कि खेती और जनहानि बचाने के लिए तत्काल रेस्क्यू टीम को गांव में भेजा जाए और सुअरों को पकड़वा कर दूर के जंगलों में विस्थापित कराया जाए। श्री सक्सेना ने पत्र में लिखा है कि जंगली सुअरों की प्रजनन क्षमता पर भी रोक लगाने का प्रयास किया जाए। उनका कहना है कि जिरौली सिरसौली गुनौराबाजितपुर जजपुरा नौशेरा बहेड़ी बदरपुर गूराई अल्लापुर भोगी अब्दुल्लागंज आदि गांव के ग्रामीण जंगली सुअरों से परेशान है और अपने खेतों की ओर नही जा पा रहे हैं जिससे सुअर उनकी फसल को नष्ट करने में लगे हुए है।
श्री सक्सेना ने कहा कि अगर प्रशासन ने जनहित और जनहानि रोकने के लिए जंगली सुअरों को नही पकड़वाया तो अगले साल दो जनवरी से किसान आंदोलन को बाध्य होंगे। यहां बताते चले कि गत 25 दिसम्बर को एक जंगली सुअर ने किसानों पर हमला बोला लेकिन किसान किसी तरह से बच गए और वन विभाग को इसकी सूचना दी जिस पर वन दरोगा मौके पर पहुंचा और जंगली सुअर को पकड़ने का प्रयास मगर सुअर ने उन पर हमला बोल कर गंभीर रूप से घायल कर दिया जिनका बरेली हायर सेंटर में इलाज जारी है।




