बदायूं। जिले की तहसील स्थित तहसीलदार कोर्ट में शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब फाइल बहस में चल रही थी और तहसीलदार ने उस पर आदेश कर दिया। नियमों को ताक पर रख कर किए गए आदेश का विरोध अधिवक्ता ने किया तब पेशकार ने अधिवक्ता के साथ अभद्रता कर डाली और उसके साथ हाथापाई की। जब इसकी जानकारी अन्य अधिवक्ताओं को हुई तो उन्होंने भी इसका विरोध किया। पूरे मामले को लेकर वीडियो वायरल हो गया है।
मामला अधिवक्ता राकेश शर्मा से जुड़ा हुआ है। श्री शर्मा के क्लाइंट की एक वाद तहसीलदार कोर्ट में चल रहा है। अधिवक्ता श्री शर्मा की माने तब शुक्रवार को उनके क्लाइंट की फाइल में बहस होनी थी। वाद में मांगपत्र गत पांच अगस्त को न्यायालय में आ चुका था लेकिन उस पर बहस सुनने के बजाय तहसीलदार ने छह अगस्त को कानून एवं नियमों को ताक पर रख कर आदेश कर दिया। अधिवक्ता का कहना है कि शुक्रवार को जब वह अपने वाद की बहस के लिए न्यायालय में पहुंचे तब पहले तो पेशकार ने उन्हें उनकी फाइल ही नही दिखाई और उन्हें टहलाते रहे।
अधिवक्ता राकेश शर्मा का कहना है कि जब उन्हें पता चला कि दूसरे पक्ष के वकील फाइल पर हस्ताक्षर बना रहे है तो वह वहां पहुंुचे तब पेशकार ने फाइल को नीचे डाल दिया और जब पेशकार से पूछा गया तो वह बोला कि फाइल पर सहाब ने आदेश कर दिए है। श्री शर्मा ने जब पेशकार के समक्ष विरोध जताया कि जब एक दिन पहले मांगपत्र आया था तब उस पर बहस करने के बजाय आदेश किस नियम के तहत किया गया है। अधिवक्ता राकेश शर्मा के अनुसार विरोध करने पर पेशकार भड़क गए और उनसे वाद-विवाद करने लगे फिर अचानक उग्र हो गए और उनका गिरेबान पकड़ कर हाथापाई करने लगे जिससे उनके जैकेट और शर्ट के बटन भी टूट गए।
तहसीलदार कोर्ट में हंगामा की सुनकर अन्य अधिवक्ता भी पहुंच गए और उन्होंने घटना की पूरी जानकारी ली। अधिवक्ताओं ने पेशकार से कहा कि जब बहस में जनरल तारीख लग रही है तब ऐसी स्थिति में किन नियमों और आधार पर फाइल में आदेश जारी हुआ है लेकिन पेशकार इसका कोई जबाब नही दे सके। अधिवक्ताओं ने तहसीलदार पर मनमानी और पेशकार पर गुंडागर्दी के आरोप लगाएं है। इस पूरे प्रकरण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फिलहाल दो दिन का अवकाश होने के कारण यह पता नही चल सका है कि इस प्रकरण में क्या कार्रवाई अमल में लाई गई है।





