जनपद बदायूं

कोरोना काल से छात्राओं को वरदान साबित हुआ बांके बिहारी कन्या महाविद्यालय, छात्राओं के निशुल्क प्रवेश

उझानी। जनपद के प्रमुख शिक्षण संस्थान बांके बिहारी कन्या महाविद्यालय में वर्ष 2010 से बालिका शिक्षा को प्राथमिकता के गतिशील बनाया जा रहा है। वर्ष 2019 से शुरू हुए कोविड के चलते देश भर में अर्थ व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा जिसका सबसे ज्यादा प्रभाव गरीब एवं मध्य वर्गीय परिवारों पर देखने को मिला। ऐसे में बालिका शिक्षा को सर्वोपरि मान कर बांके बिहारी कन्या महाविद्यालय के प्रबंधक अतुल गोयल ने छात्राओं के लिए निशुल्क प्रवेश के द्वार खोल दिए जो दो वर्ष के बाद भी जारी है। महाविद्यालय प्रबन्धक अतुल गोयल ने बताया कि ऐसा अभिभावकों को आर्थिक सहायता एवं बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए किया जा रहा है। प्रबंधक श्री गोयल के इस कदम से बड़े पैमाने पर गरीब एवं मध्य वर्गीय छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करना आसान हो गया है।

महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य नवीन कुमार ने बताया कि कालेज में उपलब्य अन्य पाठ्यक्रम बीएड ,एम ए एजुकेशन प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान से पढ़कर निकलने वाली छात्राएं समय 2 पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होती रही हैं। श्री गोयल ने बताया कि उन्होंने विधि शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए उझानी में बांके बिहारी कॉलेज ऑफ लॉ की स्थापना की जहां सहशिक्षा में त्रिवर्षीय एल एल.बी संचालित है। यहां से शिक्षा प्राप्त कर छात्र पूरे भारत मे विभिन्न क्षेत्रों में विधिक सेवाएं दे रहे हैं। श्री गोयल ने बताया कि साईं नाथ कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन बेसिक शिक्षा में अध्यापक बनने के लिए आवश्यक डीएलएड (पूर्व बी टी सी) पाठ्यक्रम कराता है। यहां से पढ़कर निकले हुए छात्र बेसिक शिक्षा में प्राथिमक शिक्षा की बेहतरी में निरन्तर योगदान दे रहे हैं।

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