जनपद बदायूं

मेला ककोड़ा की तैयारियों के लिए डीएम, एसएसपी ने ली बैठक

बदायूं। गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार मे जिलाधिकारी दीपा रंजन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी ऋषिराज, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विजय कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट बृजेश कुमार, जिला विकास अधिकारी राम सागर यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी प्रदीप वार्ष्णेय व अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ मेला ककोड़ा की तैयारियों के सम्बंध में बैठक आयोजित की।

रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध गंगा तट पर लगने वाला ककोड़ा मेला एक नवम्बर से 15 नवम्बर तक आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय विशेष मेला 07 से 09 नवम्बर के मध्य रहेगा, साथ ही विशेष स्नान कार्तिक पूर्णिमा 08 नवम्बर को होगा। मेले का झण्डी पूजन 01 नवम्बर को एवं मेले का उद्घाटन 07 नवम्बर को होगा। मेले को 04 ज़ोन एवं 07 सेक्टर में बांटा गया है। मेले में टै्रक्टर-ट्रॉली से यात्रा न करें, इसके बारे में एआरटीओ लोगों को जागरुक करें।

डीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि ड्यूटी में लगे अधिकारी एवं कर्मचारी पहचान पत्र के साथ रहेंगे। शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाए, तैनात किए जा रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूची सम्बंधित विभाग जिला पंचायत को उपलब्ध कराएगा। उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत मनोज कुमार सिंह को निर्देश दिए कि सुरक्षा की दृष्टि से सभी व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण कर लिया जाए। वॉच टॉवर एवं ड्रोन से निगरानी होती रहे। प्रकाश के लिए हाईमास्क लाइट्स लगाई जाएं। गंगा में बैरिकेटिंग कर उनपर लाल झण्डे लगाए जाएं। गोताखोर, नाविक, नावों आदि को लगाया जाए एवं इनके नाम तथा मोबाइल नम्बर भी बोर्ड लगाकर अंकित कर दिए जाएं, साथ ही ई-रिक्शा पर एनाउंसमेंट के माध्यम से भी लोगों को सतर्क किया जाता रहे। खोया-पाया के लिए टीम बनाए, जिनकी टीशर्ट पर खोया पाया लिखा जाए, साथ ही कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाए। पुलिस पर्याप्त रहेगी, कर्मचारियों एवं पुलिस के ठहरने व खाने सहित समस्त व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं।

घाट पर महिलाओं को कपड़े बदलने के लिए पर्याप्त चेंजिंग रूम बनाए जाएं। श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए एलईडी स्क्रीन लगाई जाए, जिस पर रामायण एवं महाभारत के साथ सरकारी योजनाओं को भी दिखाया जाए, सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आयोजन एवं खेल कूद की प्रतियोगिताओं को आयोजित कराकर प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाए। पेयजल के लिए हैण्डपम्प एवं पानी के टैंकर की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

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