उझानी,(बदायूं)। नगर के समीपवर्ती गांव कुड़ानरसिंहपुर में प्रशासनिक स्तर पर की जा रही बड़ी लाहपरवाही सामने आई है। इस गांव के पानी का निकास पूरी तरह से बंद हो चुका है जिससे गांव का गंदा पानी उझानी-दिल्ली हाइवे की सड़क पर एकत्र हो रहा है जिससे हाइवे की सड़क में गहरे गड्ढें बन गए है आए दिन हादसे हो रहे हैं और वाहन चालकों एवं सवारों की जान पर बन आती है। लाहपरवाह प्रशासन ने सड़क पर बने गहरे गड्ढें और उसमें भरे पानी को चिन्हित कर उस पर बेरिकेटिंग करने के बजाय यूं ही खुला छोड़ दिया है जो हादसों का सबब बन रहा है।
पिछले काफी समय से उझानी-दिल्ली हाइवे के गांव कुड़ानरसिंहपुर में पानी के निकास के लिए एक नाला बना हुआ था जो उझानी नगर की ओर जाकर गुठायन ताल में गिरता था। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय से उझानी की ओर से बढ़ी आबादी के चलते नाला पूरी तरह से बंद हो गया है जिससे गांव का गंदा पानी हाइवे की सड़क पर एकत्र होने लगा है और स्थिति तालाब जैसी बन गई है। ग्रामीणों का कहना हैं कि हाइवे की सड़क पर पानी भरने से दो से चार फीट तक गहरे गड्ढे हो गए है। ग्रामीणों का कहना है कि गड्ढों में पानी भरा होने के कारण दिल्ली-सहसवान की ओर से आने वाले बड़े वाहनों के अलावा दुपहिया वाहन चालको को गड्ढे दिखाई नही देते है परिणामस्वरूप वाहन गड्ढो में गिर चालकों और उसमें सवार लोगों की जान को मुसीबत में डाल देते हैं।
गांव निवासी नेमचंद्र राठौर, सनी, प्रेमपाल, आकाश, सचिन, अरमान समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि हाइवे की सड़क पर गहरे गड्ढों और गांव के पानी के निकास न होने से सड़क पर एकत्र होते पानी के बारे में कई बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है इसके बाद भी प्रशासन ने पानी के निकास की व्यवस्था नही कराई। इन ग्रामीणों का कहना है कि दिन में तो वह लोग वाहन चालकों को सचेत करते रहते है लेकिन रात में भारी दिक्कतें वाहन चालकों को होती रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन चालक गड्ढों में गिर कर चुटैल हो जाते हैं।
इन ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को चाहिए कि वह हादसे वाली सड़क को बेरिकेटिंग कर बंद कर दें लेकिन ऐसा नही हो सका है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्होंने इस सड़क पर बेरिकेटिंग की ताकि हादसों को रोका जा सके लेकिन रात के वक्त बड़े वाहन चालकों ने उसे तोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अब भी प्रशासन न जागा तो कभी भी बड़ा हादसा होने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता है।





