उझानी

गंगा में डूबे फिरोजाबाद के युवकों का दूसरे दिन भी न लग सका सुराग, पुलिस ने बड़ी संख्या में उतारे गोताखोर

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उझानी,(बदायूं)। शुक्रवार की शाम दुर्गा मूर्ति विसजर्न करने आए फिरोजाबाद जनपद के एक किशोर समेत चार युवक गंगा के गहरेे पानी में समा गए। युवकों को तलाशने के लिए पुलिस ने गोताखोर उतारे लेकिन अंधेेरा होने तक वह युवकों को तलाश न कर सके। शनिवार को पुलिस ने बड़ी संख्या में स्थानीय और पीएसी के गोताखोरों को सुबह से ही गंगा में उतार है लेकिन शाम तक गंगा में डूबे युुवकों का कोई पता नही चल सका है। इस हादसे पर प्रशासनिक आला अधिकारी कड़ी नजर बनाएं हुए है और गंगा तट पर पहुंच कर तलाशी अभियान की जानकारी ले रहे हैं। शवों के न मिलने से परिजनों का हाल बेहाल हो गया है।

गंगा में डूबे चार युवकों की तलाश मंे सीओ उझानी गजेन्द्र श्रोत्रिय और प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र सिंह की अगुआई में शनिवार की सुबह गंगा में तलाशी अभियान के लिए स्थानीय और पीएसी के गोताखोरों को बड़ी संख्या में उतारा गया। बताते है कि गंगा के गहरे जल में उतर कर गोताखोरों ने संभावित गड्ढों, पुल के आसपास के एरिया के पानी में डूबे लोगों को तलाश किया लेकिन कोई पता नही चल सका। इंस्पेक्टर बिजेेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस की टीमों के साथ गोताखोरों ने बीस किलोमीटर तक गंगा के गहरे पानी मंे उतर कर शवों को तलाश किया मगर सफलता नही मिली। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद से सीओ उझानी ने कोतवाली पुलिस के साथ गंगा घाट पर कैैम्प कर तलाशी अभियान जारी रखा है। उन्होंने बताया कि पानी के तेज बहाव के चलते गोताखोरों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताते है कि शाम तक गोताखोर गंगा के जल रह कर डूबे लोगों को तलाश करते रहे है मगर अंधेरा होने तक किसी भी युवक का कोई पता नही चला है और न ही उनके शव बरामद हुए है। यहां बताते चले कि जनपद फिरोजाबाद के थाना नारखी के वचगांव निवासी 50 वर्षीय दीपक गुप्ता, 18 वर्षीय कुणाल शर्मा, 20 वर्षीय बृजेश शर्मा, 15 वर्षीय भोला शर्मा शुक्रवार की शाम उस वक्त डूब गए जब वह दुर्गा मूर्ति विसजर्न करने के बाद गंगा मंे स्नान कर रहे थे। गंगा मंे मौजूद उनके परिजनों ने डूब रहे लोगों को बचाने का प्रयास किया मगर पानी के तेज बहाव के कारण चारों पानी में समाते चले गए। हादसे पर जुटे गोताखोरों ने उनकी तलाश शुरू की मगर डूबे लोगों का पता नही चला तब तक अंधेेरा हो गया और तलाशी अभियान बंद करना पड़ा था। इस बड़े हादसेे पर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी गंगा तट पर पहुुंचे और पुलिस से तलाशी अभियान की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने परिजनों से भी बात की और उन्हें ढांढस बंधाया। गंगा तट पर रहने वाले लोगों का मानना है कि गंगा में पानी ज्यादा होने और बहाव तेज होने के कारण हो सकता हो कि डूबे लोगों के शव दूर तक चले गए हों। गंगा में डूबे युवकों के शव न मिलने पर परिजनों का हाल बेहाल है और वह विलाप करते हुए अपने बच्चों के शवों को गंगा से निकालने की लगातार गुहार पुलिस और गोताखोरों से करते नजर आ रहे हैं।

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