जनपद बदायूं

पुलिस की कार्य प्रणाली के चलते न्याय न मिलते देख ग्रामीण ने गटका विषाक्त पदार्थ, जिला अस्पताल में भर्ती

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बदायूं। जिले के थाना कुंवरगांव में शनिवार को आयोजित थाना दिवस में थाना पुलिस की मनमानी और दूषित कार्य प्रणाली से परेशान होकर एक ग्रामीण ने थाना परिसर में विषाक्त पदार्थ गटक लिया जिससे पुलिस कर्मियों समेत राजस्व कर्मियों में हड़कम्प मच गया। पुलिस ने उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इधर थानाध्यक्ष कह रहे हैं कि उसका विवाद कोर्ट में है और वह पुलिस पर नायजाज दबाब बनाने का प्रयास कर रहा है।

कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव नरऊ पासा निवासी पप्पू पुत्र नौबतराम का गांव के ही दबंग ग्रामीणों से पट्टे की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। पप्पू का आरोप हैं कि दबंग उसकी पट्टे की जमीन पर जबरन कब्जा कर रहे है। पप्पू का कहना है कि वह पिछले चार साल से दबंगों के खिलाफ न्याय पाने के लिए अधिकारियों और पुलिस के पास चक्कर लगा रहा है लेकिन उसे आज तक न्याय न मिल सका है।

शनिवार को थाना दिवस में बुजुर्ग पप्पू ने पुलिस व राजस्व विभाग की कार्यवाही से असंतुष्ट होकर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। पप्पू के आत्मघाती कदम की जानकारी जैसे ही पुलिस को लगी तब उसके होश उड़ गए और पुलिस ने आनन-फानन में पप्पू को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती करा दिया जहां उसका इलाज चल रहा है। इस बाबत जब थानाध्यक्ष सुरेश गौतम से बात की गई तब उन्होंने कहा कि थाना दिवस के दौरान पता चला कि किसी व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ खाया है मगर सच्चाई वह खुद ही जानता होगा। उन्होंने कहा कि आरोप तो कोई भी लगा सकता। उन्होंने कहा कि उनका भी आरोप है कि पप्पू पुलिस को ब्लैकमेलिंग कर रहा है। उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण कोर्ट में है जिसमें पुलिस कुछ नही कर सकती है।

इससे पूर्व में पीड़ित पप्पू की पत्नी मीना ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिसके बाद पीड़ित एडीजी बरेली के यहां भी प्रार्थना पत्र देकर कार्यवाही की मांग की थी जिसकी जांच सीओ सिटी आलोक मिश्रा को सौंपी गई थी। लेकिन उसको न्याय नही मिल सका है। एक तरफ मुख्यमंत्री जनता को खुशहाल बनाने के लिए दिन रात एक कर योजनाएं बना रहे हैं तो दूसरी ओर पुलिस समेत अन्य विभाग के अधिकारी जनता को न्याय दिलाने के बजाय दबंगों से साज कर गरीब एवं कमजोरों को ठेंगा दिखाने में लगे हुए हैं।

यह भी पप्पू के आरोपः जनवरी में सात किलोमीटर पुलिस ने चलाया पैदल
पीड़ित पप्पू का आरोप है कि 4 जनवरी को गांव के दबंग लोग उसकी जमीन पर टीनशैड डालकर कब्जा कर रहे थे इस दौरान पीड़ित पप्पू ने डायल 112 को फोन कर मदद मांगी तो डायल 112 पुलिस ने मौके पर पहुंच कर निर्माण रुकवा दिया। पप्पू का कहना है कि जब दुबारा निर्माण पर उसने पुलिस से शिकायत की तब पुलिस ने उसे व राजमिस्त्री को पकड़ कर धारा 151 में चालान कर दिया। उसका आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने उसे कोर्ट में हाजिर करने के लिए सात किलोमीटर तक पैदल चलाया जिससे वह दो बार गश खाकर गिरा मगर पुलिस कर्मियों को दया न आई।

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