उझानी

यज्ञ पूजन और गणेश जन्म के साथ शुरु शुरू हुआ प्राचीन रामलीला महोत्सव प्रभु राम के डोले ने सबका मन मोहा

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उझानी,(बदायूं)। नगर में प्राचीन रामलीला महोत्सव का शुभारंभ यज्ञ,पूजन और गणेश जन्म के साथ बडे ही हर्षाेल्लास एवं भक्तिमय वातावरण के साथ हुआ। रामलीला मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम से पूर्व नगर के मौहल्ला खेडापति से प्रभु राम, माता जानकी, भ्राता लक्ष्मण और बाबा हनुमान की सुसज्जित झांकी के साथ शोभायात्रा निकाली गई। रामलीला मंचन का शुभारंभ केन्द्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने हवन पूजन के बाद फीता काट कर कराया।

रामलीला महोत्सव के शुभारंभ पर प्रभु राम का शोभायात्रा डोला निकाला गया। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों, गलियों और चौराहों से होते हुए रामलीला मैदान तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर झांकियों का भव्य स्वागत किया।रामलीला मैदान में शोभायात्रा के पहुंचते ही पूरा वातावरण जय श्रीराम और सिया पतिरामचंद्र की जय के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धा और भक्ति से सराबोर वातावरण मे मुख्य यजमान केन्द्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा, क्षेत्रिय विधायक हरीश शाक्य, पूर्व राज्य मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल और भाजपा अध्यक्ष सचिन अग्रवाल के साथ समस्त रामलीला कमेटी के पदाधिकारीयों ने रामलीला मंच पर यज्ञ भगवान को प्रसन्न कर गौरी-गणेश का पूजन कर आहूतियां और पूर्णाहूति देकर सबके जीवन को खुशहाल रखने की प्रार्थना यज्ञ देवता से की। इसके उपरांत केन्द्रीय मंत्री ने फीता काट कर रामलीला महोत्सव एवं लीला मंचन का शुभारंभ कराया। श्री वर्मा ने लक्ष्मी नारायण और प्रभु श्री गणेश का तिलक बंधन भी किया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण कुमार वार्ष्णेय बॉबी ने कहा कि रामलीला महोत्सव हर व्यक्ति के लिए है इसलिए हम सब की जिम्मेदारी है कि इसका सफलता पूर्वक संचालन कराएं।

कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका परिषद की ओर से रामलीला मैदान और उसके आस-पास क्षेत्र की साफ-सफाई के विशेष इंतजाम किए गए। पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही, जिससे श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के कार्यक्रम में सम्मिलित हो सके। रामलीला कमेटी के मंत्री अवधेश वर्मा ने बताया कि आगामी दिनों में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का मंचन होगा। रामलीला कमेटी के पदाधिकारी धार्मिक वातावरण में रामकथा का आनंद लेने के लिए नगर और आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन जुटने की संभावना जता रहे हैं। इस प्रकार नगर में पारंपरिक उत्साह, सांस्कृतिक विरासत और आस्था का संगम देखने को मिलेगा जिससे श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण होंगे।

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