बदायूं। मुरादाबाद कचहरी परिसर में ब्लाक प्रमुख की हत्या कर सनसनी फैलाने और बदायूं जेल से फरार होने वाला दो लाख का इनामी बदमाश सुमित को आखिरकार एसटीएफ की बरेली यूनिट ने सात साल के बाद नेपाल बार्डर से धर दबोचा है। सुमित को सिविल लाइन थाने से एसटीएफ ने जेल भेज दिया है।
कचहरी परिसर में ब्लाक प्रमुख योगेन्द्र की सरेआम हत्या कर सनसनी फैलाने वाले मुरादाबाद के हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के नवैनी गद्दी निवासी सुमित कुमार जेल से फरार होने से करीब छह माह पहले ही बदायूं जिला कारागार लाया गया था। यहां उस दौरान गोरखपुर का शूटर देवकीनंदन उर्फ चंदन सिंह जेल में बंद था। दोनों एक ही बैरिक में रह रहे थे। इसलिए उनकी पक्की दोस्ती भी हो गई थी। दोनों ने जेल से भागने की योजना बनाई जिसके लिए उसे उसके गुर्गो ने किसी तरह जेल के अंदर एक पिस्टल और रस्सा उपलब्ध कराया था। वर्ष 2018 की 12 मई की रात करीब पौने आठ बजे सुमित उसी रस्सा के सहारे चढ़कर जेल से फरार हुआ था। चंदन सिंह ने दो बार प्रयास किया था लेकिन वह रस्सा नहीं चढ़ पाया और जेल में ही रह गया। इस दौरान उसने अपने पास मौजूद पिस्टल से जेल में तैनात उसे पकड़ने का प्रयास करने वाले होमगार्ड पर गोली भी चलाई थी लेकिन होमगार्ड बाल-बाल बच गया था।
जेल से फरार होने के बाद पुलिस उसे लगातार तलाश कर रही थी। यहां से फरार होने के बाद सुमित दिल्ली, मेरठ, तमिलनाडू, असम, नेपाल, उड़ीसा आदि जगहों पर रहा। उसकी तलाश में कई टीमें भी लगाई गई थीं लेकिन उसका पता नहीं चला। बाद में अनुमान लगाया गया कि वह नेपाल फरार हो गया है। इससे मामला एसटीएफ के हाथों में चला गया और आखिरकार एसटीएफ ने 25 सितंबर 2025 को दबोच कर एक बार फिर से सलाखों के पीछे भेज दिया है। सुमित चौधरी के पकड़ने जाने पर बदायूं ही नही वरन् प्रदेश की पुलिस ने राहत की सांस ली है।





