बरेली। इज्जतनगर मण्डल रेल प्रबन्धक कार्यालय के सभाकक्ष में मण्डल रेल प्रबन्धक सुश्री वीणा सिन्हा की अध्यक्षता में राजभाषा कार्यान्वयन समिति तिमाही की समीक्षा बैठक एवं हिन्दी संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी में मडंल रेल प्रबन्धक सुश्री वीणा सिन्हा ने कहा कि इस मण्डल पर हिन्दी प्रयोग का अच्छा वातावरण है। अधिकांश पत्राचार हिन्दी में हो रहा है तथा टिप्पणियाँ भी हिन्दी में लिखी जा रही हैं। हिन्दी हमारी राजभाषा है। यह एक सरल और सशक्त भाषा है। उन्होंने अपने सभी शाखा अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को राजभाषा का अधिक से अधिक प्रयोग में लाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
अपर मंडल रेल प्रबंधक मनोज कुमार ने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम अच्छी हिन्दी सीखें और अपने दैनिक कार्यों में उसका प्रयोग करें। इसके साथ राजभाषा के प्रचलन में सुधार करने की भी आवश्यकता है। आज का दिन एक बार फिर यह संकल्प करने का दिन है कि हम अपने कार्यों में हिन्दी का शत-प्रतिशत प्रयोग करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता प्रभाकर कुमार मिश्र ने ‘वर्तमान में हिन्दी की दशा और दिशा’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि हिंदी को 14 सितम्बर 1949 को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया हैं। आजकल हिंदी की स्वीकार्यता और व्यापकता में वृद्धि हुई है। नई तकनीक का सहारा लेकर अनुवाद करने से कार्यालयी कार्यों को शीघ्रता तथा सटीकता से किया जा सकता हैं। राजभाषा का जितना अधिकाधिक प्रयोग होगा उतना ही इसका विकास होगा। उन्होंने बताया कि राजभाषा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम 2025-26 में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयास किए जाने चाहिए। हिंदी में कार्य करना सरल है बस उसे लागू करने की दृढ़ इच्छा शक्ति होनी चाहिए।




