उझानी,(बदायूं)। यूजीसी के नये नियमों को लेकर भाजपा के खिलाफ उठ रहे विरोध के स्वरों के बीच आंदोलन की तैयारियां होने लगी लेकिन इससे पहले ही यूजीसी के नये नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाते कहा कि बनाएं गए नये नियम अस्पष्ट है जिससे भारत के नागरिकों में आपसी और सामाजिक खाई पैदा हो सकती है। सुप्रीम रोक के बाद उझानी में आंदोलन को तैयार सामाजिक युवाओं ने सुप्रीम कोर्ट का एक स्वर में आभार जताया।
सहकारी समिति के चेयरमैन किशन शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को देशहित में बताया और आभार जताते हुए कहा कि यह सुप्रीम निर्णय सामान्य वर्ग ही नही बल्कि प्रत्येक वर्ग के विद्यार्थी और उनके अभिभावकों को मील का पत्थर साबित होगा और असंवैधानिक नियमों से मुक्ति मिलेगी। डाक्टर आशुतोष उपाध्याय ने कहा कि यूजीसी के नये नियमों से समाज में वैमनस्यता फैलने लगी थी। डा. उपाध्याय ने कहा कि देश में आज के समय में जो भी कानून आएं वह सभी को एक समान्य हो। अंत में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को थैंक्यू बोला।
सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा से जुड़े संजीव गुप्ता ने यूजीसी के नये नियमों पर रोक के लिए सुप्रीम कोर्ट का आभार जताते हुए कहा कि सुप्रीम पावर ने सामान्य वर्ग की भावनाओं को देखते हुए जनहित में रोक लगाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा समेत प्रत्येक दल के सांसद और विधायक को चाहिए कि वह देश के नागरिकों को प्रगति की ऊंचाईयों को ले जाने वाले कानून बनाने को प्राथमिकता देनी चाहिए न कि ऊंच-नीच और भेदभाव को बढ़ावा देने वाले कानून का समर्थन करना चाहिए। अमित प्रताप सिंह ने भी सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद कहा और बोले- आज के भारत और युवा को काले कानून नही बल्कि उनके भविष्य को ऊंचाईयों पर ले जाने वाले नियम और कानूनों की जरूरत है।





