उझानी

उझानी में बिजली विभाग का कैशियर डकार गया करीब 33 लाख रुपया, ऑडिट में हुआ खुलासा, रिपोर्ट दर्ज

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उझानी,(बदायूं)। जिले उझानी बिजली उपकेन्द्र में तैनात एक कैशियर ने बिजली विभाग का करीब 33 लाख रुपया का राजस्व संग्रह करने के बाद डकार गया। उक्त राजस्व बिजली के बिलों से दो साल में एकत्र किया गया था। जब विभागीय स्तर पर ऑडिट हुआ तब कैशियर के घोटाले की करतूत सामने आने पर अधिशासी अभियंता ने कोतवाली में कैशियर के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है लेकिन आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

विद्युत वितरण खंड उझानी के 33/11 उपकेन्द्र के उझानी टाउन पर तैनात कैशियर मुनिन्द्र पाल सिंह नगर क्षेत्र के बिल जमा करता था। अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड सतेन्द्र प्रकाश गौतम द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि कैशियर मुनिन्द्र पाल सिंह ने एक मई 2024 से 16 मार्च 2026 तक विभागीय राजस्व का संग्रह तो किया मगर उसने विभागीय बैंक खाते में करीब 32,73 313 (बत्तीस लाख तिहत्तर हजार तीन सौ तेरह रुपया) जमा नही किया। कैशियर द्वारा किया गया इस गबन का खुलासा तब हुआ जब विभागीय स्तर पर होने वाले ऑडिट के बाद हुआ।

खंडीय लेखाकार ने गत 16 मार्च को विभागीय अभिलेखों का सत्यापन/मिलान किया तब करीब 33 लाख रुपया का गबन कैशियर द्वारा करने का मामला सामने आया। लेखाकर ने जब कैशियर से इसकी जानकारी चाही तब वह चुपचाप चला गया। जब लेखाकार ने गबन को विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखा तब पूरे महकमें में हड़कम्प मच गया। इसके बाद चेते बिजली अधिकारियों ने कैशियर मुनिन्द्र पाल सिंह पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस को तहरीर दी जिस पर पुलिस ने गत 27 मार्च को रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

यहां बताते चले कि गत वर्ष एक महिला ने उपकेन्द्र के उझानी टाउन पर बिजली का बिल जमा करने पर फर्जी रसीद दिखाते हुए हंगामा काटा मगर विभागीय स्तर पर अधिकारियों ने उक्त महिला की एक न सुनी मगर जब कैशियर की करतूते आम हुई तब हंगामा करने वाली महिला बात सच्ची निकली और यदि अधिकारी उक्त महिला की बात को गंभीरता से लेते तो बड़ा घोटाला होने से बच जाता।

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