उझानी। नगर का विद्या मंदिर इंटर कालेज किसी के परिचय का मोहताज न ही है। कभी सरस्वती शिशु मंदिर में संस्कृत के आचार्य रहे अतर सिंह यादव ने वर्षो पूर्व गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित होते देख विद्या मंदिर नामक स्कूल की स्थापना की जो आज विद्या मंदिर इंटर कालेज के रूप में वट वृक्ष बन चुका है। श्री यादव ने अपने विद्यालय में आर्थिक रूप से कमजोर गरीब बच्चों को शिक्षा प्रदान कराई जिससे ग्रामीण अंचलों से एक नही अनेक विद्यार्थी है जो शिक्षा पाने की आस छोड़ बैठे थे उन्होंने श्री यादव की मदद से उच्च शिक्षा को प्राप्त किया।
श्री यादव के मार्ग दर्शन में अब उनके जेष्ठय पुत्र शैलेन्द्र यादव ने विद्यालय की कमान संभाली है। शैलेन्द्र ने विद्यालय को प्राइमरी स्तर पर भी शिक्षा का शुभारंभ कराया है ताकि बच्चों को एक ही विद्यालय में कक्षा 12 तक कम खर्च में आसानी से शिक्षा प्राप्त हो सके। शैलेन्द्र यादव अपने कालेज में सांइस की मान्यता के लिए प्रयास में लगे हुए है। उनका कहना है कि वह आधुनिकता को देखते हुए उसकी के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं।




