उझानी,(बदायूं)। बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान को आए हाथरस जनपद के आधा दर्जन छात्र गंगा जल में स्नान कर रहे थे इसी दौरान दो छात्र गंगा के गहरे पानी में समा गए। शोर शराबे पर जुटे गोताखोरों ने गंगा में कूद कर दोनों छात्रों को बाहर निकाला। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों छात्रों को जीवित जानकार उझानी अस्पताल लाई जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद साथ आए छात्रों में हड़कम्प मच गया। दोनों छात्र पुलिस सेवा में जाने की तैयारी में जुटे थे और मुरसान के किसी कालेज में पढ़ाई कर रहे थे।

हाथरस जनपद के थाना मुरसान के गांव नागलानी निवासी आधा दर्जन छात्र बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने कछला स्थित मां भागीरथी के तट पर पहुंचे और सभी बदायूं छोर की ओर पुल के समीप गंगा स्नान करने लगे। बताते है कि शाम चार बजे के करीब दो छात्र सौरभ पुत्र राजू और विनय पुत्र चंद्रवीर स्नान करते वक्त अचानक गहरे पानी में समा गए। बताते हैं कि साथ आए छात्रों ने दोनों को पकड़ने का प्रयास किया मगर सफल न हो सके। अपने साथी छात्रों को डूबते देख साथ आए छात्रो ने शोर मचा कर गोताखोरों को बुला लिया। बताते हैं कि गोताखोर दोनों छात्रों की तलाश में गंगा नदी में कूद गए। हादसे की सूचना पर कोतवाली पुलिस के अलावा सीओ उझानी तथा उपजिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
बताते हैं कि कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोर दोनों छात्रों को गंगा से निकालने में कामयाब हो गए। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस दोनों छात्रों को जीवित समझ कर इलाज के लिए उझानी अस्पताल ले आई जहां दोनों को डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। दोनों छात्रों को मृत घोषित करते ही साथ आए छात्रों में हड़कम्प मच गया और वह फूट-फूट कर रो उठे। छात्रों ने सौरभ और विनय की मौत की सूचना डरते और सहमते परिजनों को दी जिस पर दोनों के परिवारों में चीत्कार मच गई और परिजन बदायूं के रवाना हो गए। बताते हैं कि सभी छात्र पुलिस परीक्षा की तैयारियों में जुटे थे और मुरसान के किसी कालेज में पढ़ाई कर रहे थे और बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान की आस लेकर कछला स्थित मां भागीरथी के तट पर आए थे लेकिन सौरभ और विनय को क्या पता था कि उनका गंगा स्नान जीवन का अंतिम स्नान होगा।
यहां बताते चले कि गत दस मई को जिलाधिकारी अवनीश राय ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बुद्ध पूर्णिमा के मद्देनजर कछला स्थित गंगा तट का निरीक्षण किया और किसी भी श्रद्धालु के साथ अनहोनी न हो इसके लिए तमाम व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देश भी दिए। इससे पूर्व में हाथरस, मथुरा, अलीगढ़ और राजस्थान प्रदेश के कई श्रद्धालुओं की डूब कर मौत हो चुकी है इसी को लेकर डीएम जागरूक थे लेकिन फिर भी बुद्ध पूर्णिमा पर प्रशासनिक स्तर पर दिखी लाहपरवाही के चलते हादसा हो गया जिसमें हाथरस जनपद के दो होनहार छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई।
परिजनों के आने तक शवों को अस्पताल में ही रोकने के लिए अड़े छात्र पर नही मानी पुलिस
पुलिस मृतकों के शवों को जिला मुख्यालय भेजने के लिए गाड़ी में रखवा रही थी इसी दौरान मौजूद अन्य छात्र पुलिस से परिजनों के आने तक शवों को अस्पताल में ही रोके जाने की जिद पर अड़ गए लेकिन पुलिस नही मानी और शवों को जिला मुख्यालय भेज दिया। छात्रों का कहना था कि वह शवों को पीएम नही कराएंगे इस पर पुलिस ने उन्हें समझाया और अपने साथ गाड़ी में बैठा कर जिला मुख्यालय ले गई।
कछला से देवेन्द्र कश्यप की रिपोर्ट




