बदायूं। जिले भर में होने वाले मेलों के अलावा धार्मिक महत्व वाले आयोजनों में होने वाले नौटंकी और नृतकियों के अश्लील नृत्य का सबसे ज्यादा असर युवाओं पर हो रहा है। युवा अपनी धार्मिक एवं सामाजिक परम्पराएं और भारतीय संस्कृति का दर किनार कर नृतकियों के दीवाने होकर उन पर रुपया लुटा कर बर्बादी की राह पर चलने लगे है। नृतकियों की अदाओं में फंस कर युवा वर्ग गलतफहमी पाल लेता है और फिर आपसी टकराव होने लगता है। जागरूक नागरिकों का कहना है कि अब जरूरत है कि धार्मिक आयोजनों में फूहड़ और अश्लील नृत्य पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाए।
जागरूक नागरिकों का कहना है कि धार्मिक महत्व वाले पर्वो पर आयोजन कराने वाले आयोजक पुलिस से धार्मिक मेला आदि की अनुमति लेते है और फिर रात के समय में मंच सजा कर नृतकियों का अश्लील नृत्य खुलेआम कराते है। नृतकियों की अदाओं में फंस कर युवा वर्ग बड़ी संख्या में एकत्र हो जाता है और फिर एक दूसरे में होड़ शुरू होती है कि कौन सबसे ज्यादा रुपया नृतकियों पर लुटाता है। कभी-कभी यह होड़ युवाओं मंे आपसी लड़ाई और रंजिश तक पहुंच जाती है। जागरूक नागरिकों का कहना है कि पूरे आयोजन तक अनुमति देने वाली पुलिस अनदेखा करती रहती है यदि कोई वीडियो वायरल हो जाता है या कोई शिकायत करता है तभी पुलिस हरकत में आती है। नागरिकों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन इस तरह के आयोजनों पर अपनी कड़ी नजर रखे और गलत होते देख कार्रवाई करें तो शायद अश्लील नृत्य पर रोक लगना संभव हो सकता है। हाल में ही बदायूं जिले के उझानी कोतवाली क्षेत्र में बरायमयखेड़ा के बाद बुर्रा में अश्लील नृत्य करती बालाओं का वीडियों वायरल हुआ है हालांकि बुर्रा के वीडियों की पुष्टि नही हो पाई है कि वह इसी गांव का है या नही।





