उझानी (बदायूॅं ) | समाज हित में ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा के माध्यम से जो भी कार्य कराते जा रहे हैं उसकी गुणवत्ता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्य शुरू होने के पहले ही ध्वस्त होना शुरू हो जाता है ऐसा ही एक मामला ग्राम बमनौसी में देखने को मिला। मनरेगा योजना के तहत बना एक नाला पहली ही बारिश में भरभरा कर ढह गया जिससे घटिया सामग्री लगाने वाले ठेकेदार और ग्राम प्रधान पर सवाल उठने लगे हैं।
विकास खंड कादरचौक के ग्राम बमनौसी में गत वर्ष मनरेगा योजना के तहत गांव में नाले का निर्माण किया गया जो बनते-बनते ही टूटने लगा जिसकी शिकायत ग्राम प्रधान से की गई तब ग्राम प्रधान चुप्पी साध गए। मौसम की पहली बारिश से बमनौसी में मनरेगा योजना के अंतर्गत मानक के विपरीत बना नाला पहली ही बारिश में भरभरा कर ढह गया जिससे घटिया सामग्री लगा कर नाले का निर्माण कराने वाले ठेकेदार और ग्राम प्रधान पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि पूरी ईमानदारी से जनहित में बनाए जा रहे नाले-नालियों के निर्माण कराते जाये तो यह सालों-साल तक टूटने वाले नहीं हैं। ग्रामीणों ने नाला बनाने वाले ठेकेदार और ग्राम प्रधान पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में कांग्रेस नेता सत्यवीर सिंह यादव ने डीएम को पत्र भेज कर घटिया सामिग्री से नाले का निर्माण करा कर लाखों का गोलमाल करने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।






