उझानी,(बदायूं)। 21 मई को उझानी की मैंथा फैक्ट्री में लगी भंयकर आग ने 21 मई 1991 को उझानी में हुई भंयकर आगजनी की याद दिला दी। इसी दिन उझानी में भंयकर आंधी तूफान का सामना उझानी के नागरिकों को करना पड़ा था और इसी दौरान नगर के बाजारकला इलाके में भंयकर आग लग गई थी जो हो रही बरसात के बाद भी विकराल रूप धारत करती गई। इसी दिन देश के पूर्व युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी की भी हत्या हुई थी।
बुधवार को रात नौ बजे के करीब अचानक मौसम ने करवट ली और फिर तेज आंधी तूफान की गति से चलने लगी। आंधी की रफ्तार देख कर नागरिक सहम कर रह गए और सोचने लगे कि कही कुछ न कुछ जरूर अनिष्ट हुआ होगा। कुछ देर बाद खबर फैल गई कि उझानी की मैंथा फैक्ट्री में अचानक भंयकर आग लग गई है। आग इतनी भयाभय थी कि गांव कुड़ानगरसिंहपुर के लोगों को अपने घरों को छोड़ कर बरसात के बाद खेतों मंे शरण लेनी पड़ी थी। वर्ष 2025 की आंधी ने 34 साल पहले 21 मई 1991 को आई आंधी तूफान और बरसात की याद दिला दी।
इस दिन आई आंधी और तूफान के दौरान नगर के बाजारकला इलाके में भंयकर आग लग गई और कई घर आग से पूरी तरह से तबाह हो गए थे। बताते हैं कि उस वर्ष भी भारी बरसात हो रही थी फिर भी आग पर काबू पाना टेड़ीखीर बनती जा रही थी। 21 मई 1991 को ही देश के युवा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की भी हत्या हुई थी। 34 साल पहले भी यही समय और यही दिन था और आज भी आंधी और आगजनी का यही समय था जिससे जब भी भंयकर आंधी आती है तब नागरिकों का मन किसी आशंका से भर उठता है।




