उझानी,(बदायूं)। ब्लाक क्षेत्र के गांव सिरसौली में गुरूवार की सुबह खेतों पर पहुंचे किसानों पर जंगली सुअर ने हमला बोल दिया। जंगली सुअर इतना ताकतवर था कि किसानों ने वामुश्किल अपनी जान बचाई और गांव लौट आए। ग्रामीणों की सूचना पर सुअर को पकड़ने पहुंचे वन दरोगा समेत वन विभाग की टीम पर जंगली सुअर ने हमला बोल दिया जिसमें वन दरोगा बुरी तरह से जख्मी हो गया। ग्रामीणों ने किसी तरह दरोगा को जंगली सुअर के चुंगल से छुड़ाया। घायल दरोगा को उपचार के लिए गंभीर हालत में बरेली हायर संेटर रैफर किया गया है।
गुरूवार की सुबह उझानी के गांव सिरसौली निवासी किसान अपने खेतों पर काम करने गए थे। इसी दौरान अचानक एक जंगली सुअर ने किसानों पर हमला बोल दिया। बताते हैं कि किसानों ने एकजुट होकर सुअर से अपनी जान बचाई और भाग कर अपने गांव लौट आए। बताते हैं कि किसानों ने इस बारे में भाकियू नेता राजेश सक्सेना को बताया जिस पर उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। बताते है कि दोपहर में वन दरोगा शिव प्रताप सिंह वन कर्मियों के साथ जंगली सुअर पकड़ने गांव पहुंचा। बताते हैं कि सुअर को पकड़ने के दौरान जंगली सुअर वन दरोगा पर अचानक हमलावर हो गया। बताते हैं कि वन दरोगा पर सुअर के हमले को नाकाम करने के लिए वन कर्मी और ग्रामीणों ने प्रयास शुरू कर दिए और वामुश्किल सुअर के चुंगल से वन दरोगा को बचाया।
बताते हैं कि जंगली सुअर के हमले से वन दरोगा शिव प्रताप बुरी तरह से लहूलुहान हो गए। इस घटना से हैरत में आए ग्रामीणों ने दरोगा को इलाज के लिए मेडीकल कालेज भेजा जहां पर उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बरेली हायर सेंटर इलाज के लिए भेजा गया है। बताते हैं कि सिरसौली में जंगली सुअर शाम तक उत्पात मचाता रहा और फिर जंगल की ओर भाग निकला। किसानों का कहना है कि जंगली सुअर अब तक फसलों को बर्बाद करते रहे हैं लेकिन अब जंगली सुअरों ने इंसानों पर हमला करना शुरू कर दिया है जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इस मामले में भाकियू नेता राजेश सक्सेना का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर हो रही लाहपरवाही के चलते जंगली सुअरों का आंतक बढ़ रहा है।
श्री सक्सेना का कहना है कि जंगली सुअर राजकीय मेडीकल कालेज के पीछे के जंगल में पल बढ़ रहे है। भाकियू नेता का कहना है कि जंगली सुअरों की संख्या के साथ उनका आंतक भी बढ़ रहा है और अगर प्रशासन ने जंगली सुअरों पर नकेल न कसी तो यह सुअर जनमानस के अलावा राजकीय मेडीकल आने वाले मरीजों एवं तीमारदारों एवं अन्य इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। उन्होंने वन विभाग के अलावा डीएम बदायूं से जंगली सुअरों को पकड़वाने की गुहार लगाई है।




