उझानी / बदायूं। शैक्षिक प्रमाणपत्रों में फर्जीबाड़ा कर चौकीदार से लिपिक बने नफीस अहमद अंसारी को पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के कई दिन बाद आखिरकार जेल भेज ही दिया। सूत्रों की माने तब पुलिस ने पालिका के चौकीदार नफीस अहमद अंसारी को बचने के लिए पूरी छूट दी थी जिससे नफीस ने बदायूं न्यायालय से लेकर हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया लेकिन जब उसे कोई राहत न मिली इसके बाद पुलिस ने सोमवार को नफीस को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
यहां बताते चले कि पालिका के चौकीदार नफीस अहमद अंसारी ने शैक्षिक प्रमाणपत्रों में फर्जीबाड़ा कर लिपिक पद पर प्रमोशन पर ली और वेतन समेत अन्य सुविधाओं का लाभ लेता रहा। बताते है कि जब उसके फर्जी प्रमाणपत्रों की पुष्टि हो गई इसके बाद भी पालिका प्रशासन ने उसके प्रति साहनभूति बनाए रखी। सूत्र बताते है कि जब पालिका प्रशासन की शिकायतें हुई तब उसने नफीस का डिमोशन कर उसे मूल पद पर वापस भेजा लेकिन नफीस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से बचता रहा।
बताते है कि जब इस मामले की शिकायते हुई तब पालिका प्रशासन ने उसके खिलाफ पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने भी नफीस के खिलाफ अभियोग पंजीकृत करने में हीलाहवाली की। बताते है कि जब पुलिस ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली लेकिन पुलिस ने नफीस को गिरफ्तार करने की जरूरत नही समझीं जिसका लाभ उठा कर नफीस बदायूं न्यायालय से लेकर हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया नगर उसे राहत न मिल सकी तब कही जाकर पुलिस ने नफीस को गिरफ्तार कर जेल का दरवाजा दिखाया।






