बदायूं। इस वर्ष मक्का की खेती का रकवा बढ़ने पर सरकार ने किसानों से मक्का खरीदने का निर्णय लिया है। इसके लिए बदायूं जिले में सात क्रय केन्द्र निर्धारित किए गए है जहां 2250 रुपए की दर से पंजीयन कराने वाले मक्का किसानों की फसल को खरीदा जाएगा। बगैर पंजीकृत किसान अपनी मक्का क्रय केन्द्र पर नही बेंच सकेगा।
बदायूं जिले में बड़े पैमाने पर मक्का की फसल की पैदावारी किसान करते है लेकिन इस वर्ष किसानों ने मैंथा की फसल करने के बजाय मक्का की फसल की पैदावारी करनी शुरू कर दी है जिससे इस वर्ष बड़े पैमाने पर मक्का की बम्फर फसल पैदा हुई है। मक्का की फसल बेंचने के लिए अभी तक किसानों के पास आढ़तियों के पास जाने के अलावा कोई रास्ता नही था लेकिन अब सरकार ने किसानों की यह मुश्किल हल कर दी है और कृषि विभाग ने बदायूं जिले में सात क्रय केन्द्र खोल कर 31 जुलाई तक मक्का खरीदने का निर्णय लिया है।
बदायूं जिले में पहली बार सरकारी खरीद होने जा रही है इसके लिए बदायूं मंडी समिति मंे दो, दातागंज, बिल्सी, वजीरगंज में एक क्रय केन्द्र निर्धारित किया गया है जबकि सर्वाधिक आवाक वाली उझानी मंडी समिति में कृषि अधिकारियों ने कोई केन्द्र न बना कर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिले में मक्का की खरीद पहली बार हो रही है। इसके लिए मंडी समिति बदायूं और सहसवान में दो केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा दातागंत, बिल्सी, वजीरगंज में केंद्र एक- एक बना है। सहसवान में दो क्रय केंद्र बनाए गए हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों की माने तब मक्का किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके इसलिए सरकार मक्का की फसल किसानों से खरीदेगी।
उझानी मंडी समिति में बिकने आती है बदायूं समेत आसपास जिलों से मक्का की फसल
अभी तक मक्का की फसल की खरीददारी उझानी मंडी समिति में हो रही है। उझानी की मंडी में हजारों कुंतल मक्का प्रतिदिन आ रही है। उझानी में रैंक प्वाइंट होने के चलते बदायूं के अलावा आसपास जिलों से भी किसान मक्का की फसल लेकर उझानी पहुंचते हैं। इस मंडी समिति में मक्का की सर्वाधिक आवाक आने से मंडी समिति को प्रतिवर्ष करोड़ों का राजस्व भी प्राप्त होता है। उझानी मंडी से मक्का की फसल को व्यापारी गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बेंचने के लिए भेजते हैं जिससे उझानी में आने वाली मक्का की फसल आसानी से बिक जाती है।





