अपराधजनपद बदायूं

पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले मास्टरमाइंड और चार युवतियों को किया गिरफ्तार

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बदायूं। पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार युवतियों को गिरफ्तार कर गिरोह का राजफाश कर दिया है। इस गिरोह के सदस्य काल सेन्टर के जरिए बैंक और फाइनेंस कम्पनी में युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे आर्थिक ठगी करते थे।

बदायूं पुलिस को पिछले कुछ दिनों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायते मिल रही थी। पुलिस ने मिली पांच शिकायतों के बाद संदिग्ध नम्बरों को टेªस किया तो उसकी लोकेशन शहर कोतवाली के मौहल्ला नई सराय में मिली। पुलिस ने पक्की जानकारी होने पर नई सराय इलाके में दबिश दी और एक मकान पर पहुंच कर देखा तो वहां काल सेंटर का संचालन हो रहा था। पुलिस ने इस दौरान काल सेन्टर पर काम कर रही तीन युवतियों और गिरोह के मास्टर माइंड को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने चारों की निशानदेही पर एक अन्य युवती को भी हिरासत में लिया और सभी को थाने लाकर पूछताछ की और पांचों को गिरफ्तार करने के बाद उनकी निशानदेही पर लैपटॉप, 7 मोबाइल, 4 कीपैड मोबाइल, 23 सिमकार्ड बरामद किये है।

सीओ सिटी ने बताया कि यह जालसाज लोगों से बात करते समय अपने असली नाम का उपयोग नहीं करते थे बल्कि फर्जी नामों का इस्तेमाल करते थे। इस मामले में दो साइबर ठग अभी भी फरार हैं। जिनकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मास्टरमाइंड विवेक पुत्र सुरेश (निवासी गोविंद, थाना मूसाझाग), आकांक्षा पटेल, अंशु पटेल, ईशा और मीनाक्षी शामिल हैं। उन्होंने वर्क इंडिया साइट का उपयोग कर उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लोगों को नौकरी का झांसा देकर अन्य खातों में रुपये ट्रांसफर करवाकर ठगी की। इन साइवर ठगों ने अब तक कुल 4.5 लाख रुपये की ठगी की है और उनके खिलाफ 10 एनसीआरपी (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) शिकायतें दर्ज हैं। पूछताछ और बरामदगी के बाद सभी गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

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