उझानी

पीडब्लूडी के ठेकेदारों ने सड़क किनारे खोदे मौत के गड्ढे, चली गई एक युवक की जान, लगातार हो रहे हैं हादसे

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उझानी,(बदायूं)। योगी सरकार में सरकारी अफसरों और कर्मियों और उन से जुड़े ठेकेदारों समेत अन्य लोगों की मनमानी अब जनता पर भारी पड़ने लगी है। उझानी नगर में पीलीभीत-भरतपुर हाइवे के चौड़ी करण के नाम पर सड़क के किनारे खोद कर तो डाल दिए मगर दो माह बीत जाने के बाद भी चौड़ीकरण का काम शुरू न हो सका है जिसके चलते अब तक वाहन सवार इन गड्ढों में गिर कर चुटैल हो रहे थे लेकिन रविवार की शाम गड्ढा में गिरने से बचने के प्रयास में तीन बाइक सवार युवक समीप से गुजर रहे ट्रक के नीचे आ गए जिसके परिणाम स्वरूप बाइक चला रहे युवक की मौके पर ही कुचल कर मौत हो गई जबकि पीछे बैठे दो लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद नागरिकों में पीडब्लूडी के अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ रोष व्याप्त हो गया है। नागरिकों का कहना है कि मार्ग चौड़ीकरण को मजाक बना कर रख दिया है।

पीडब्लूडी ने कल्याण चौक से मंडी समिति तिराहे तक नगर के अंदर से होकर गुजरने वाले पीलीभीत-भरतपुर हाइवे को फोरलेन बनाने की योजना बनाई और इसके टेण्डर आदि भी कर दिए। बताते हैं कि दो माह पहले हाइवे के चौड़ीकरण करने का काम शुरू किया गया था जिसके चलते कल्याण चौक से घंटाघर तक एक ओर की सड़क की पटरी को खोद कर गहरा गड्ढा कर उसे यूं ही छोड़ दिया, इसी तरह कश्यप पुलिया से लेकर मंडी तिराहे तक विभागीय ठेकेदारों ने सड़क के दोनों ओर की पटरियांे को खोद कर गहरे गड्ढे में तब्दील कर कर दिया और काम बंद कर अपने घरों में बैठ गए। बताते है कि दो माह से रोजाना वाहन चालकों के अलावा नागरिक इन गड्ढों में गिर कर चुटैल होते रहे। नागरिकों की शिकायत के बाद भी ठेकेदारों ने चौड़ीकरण का कार्य शुरू न किया तब नागरिकों ने कहा कि विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों की मनमानी से किसी दिन बड़ा हादसे होकर रहेगा। बताते है कि नागरिकों की भविष्यवाणी सटीक बैठी और रविवार को एक बाइक सवार युवक की जान चली गई।

बताते है कि योगी सरकार चाहे जितना भी दावा करें मगर अफसरों की मनमानी जनता पर भारी पड़ रही है यही कारण है कि उझानी में हाइवे चौड़ीकरण के नाम पर सिर्फ और सिर्फ नागरिकों को दर्द देने के अलावा कोई काम नही हो रहा है। नागरिकों का कहना है कि सड़की पटरियां खोद कर डालने वाल ठेकेदारों के खिलाफ विभागीय अधिकारी न तो कोई कार्रवाई करते है और न ही निर्माण कार्य को शुरू करा पा रहे है। नागरिकों का यह भी कहना है कि इन ठेकेदारों को राजनैतिक स्तर पर संरक्षण मिला हुआ है जिससे ठेकेदारों के हौंसले बुलंद बने हुए है और वह नियमों को ताक पर रख अपने मनमाने तरीके से निर्माण कार्य करने में लगे हुए है। नागरिकों का कहना है कि योगी सरकार को चाहिए कि होने वाले हादसे के लिए विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों को दोषी मान कर उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाएं।

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