बदायूं। मंगलवार की दोपहर कलेक्टेªट परिसर में उस वक्त अचानक अफरा तफरी मच गई जब वहां पहुंचे उघैती क्षेत्र निवासी एक युवक ने डीएम से मुलाकात न होने पर जहर खा लिया। गनीमत रही कि वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस बुला ली जिससे उसे समय रहते जिला अस्पताल में इलाज को भर्ती करा दिया गया। पीड़ित युवक का कहना है कि पुलिस ने प्रदेश सरकार के एक मंत्री के कहने पर उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज किया है।
बताते हैं कि उघैती थाना क्षेत्र के गांव छिबऊकला निवासी एक महिला ने गांव निवासी युवक जिनेश के खिलाफ गत 10 सितम्बर को रेप की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दर्ज प्राथमिकी में महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी नाबालिग बेटी नौ सितंबर को खेत पर पशुओं को चारा लेने गई थी लेकिन देर शाम तक उसके न लौटने पर उसकी तलाश की तब वह खेत पर बेहोशावस्था में मिली। होश में आने पर उसकी बेटी ने गांव के ही जिनेश पर जबरन रेप का आरोप लगाया जिसके बाद पीड़िता को लेकर उसकी मां पुलिस के पास पहुंची और जिनेश के खिलाफ पाक्सो समेत बलात्कार का अभियोग पंजीकृत कराया।
बताते हैं कि अभियोग पंजीकृत होने के बाद से जिनेश घर से फरार हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान रेप के आरोपी जिनेश ने बताया कि उसके खिलाफ रेप का झूठा मामला दर्ज कराया गया है जिसकी जांच के लिए आज वह डीएम से मिलने आया था मगर उनके न मिलने पर झूठे मुकदमों से आहत होकर जहरीला पदार्थ गटक लिया ताकि वह जान देकर इस मुसीबत से मुक्ति पा सके। आरोपी के परिजनों का कहना है कि जिस दिन रेप की वारदात की बात महिला कर रही है उस दिन जिनेश कही और पर था जिसके बारे में पुलिस को बताया मगर पुलिस सुनने को राजी नही है। परिजनो का आरोप है कि इस पूरे मामले में विजयपाल चौधरी नामक एक ग्रामीण भूमिका रच रहा है। विजयपाल खुद को प्रदेश सरकार के मंत्री लक्ष्मीनारायण का करीबी बताता है। विजयपाल से उसकी रंजिश चल रही है जिस पर वह उसके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराने में पीछे नही रहता है। फिलहाल पुलिस की निगरानी में जिनेश का इलाज चल रहा है और इलाज के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सकता है।




