उझानी,(बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र के गांव बनगवा में अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। शनिवार को गांव में कुछ लोग एक स्थान पर बैठ कर ताश खेल रहे थे इसी दौरान हिंसक हुए एक सिरफिरे बुजुर्ग ने एक युवक पर कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया जिसमे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज को अस्पताल लाए जाने पर उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया, इधर कुछ देर बाद ही हमलावर की भी संदिग्धावस्था में मौत हो गई। हमलावर की मौत के बाद पुलिस ने उसके शव को अपने कब्जें में लेकर पीएम को भेजा दिया है।

उझानी क्षेत्र के गांव वनगवा में उस वक्त अफरा तफरी मच गई जब गांव के एक स्थान पर बैठकर ताश खेल रहे कुछ लोगों पर गांव निवासी 60 वर्षीय सिरकिरे किशनपाल ने कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया। इस हमले में 33 वर्षीय ओमेन्द्र पुत्र मुन्ने सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। बताते है कि परिजन ओमेन्द्र को लेकर उझानी अस्पताल पहुंचे जहां उसे इलाज को भर्ती कराया। डाक्टर ने ओमेन्द्र की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रैफर कर दिया। परिजनों ने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी।
बताते है कि परिजन ओमेन्द्र को लेकर जिला अस्पताल गए ही थे कि गांव में शोर मच गया कि किशन पाल ने कुछ जहरीला पदार्थ खा लिया है और उसकी हालत गंभीर है। इस सूचना पर पहुंची पीआरबी पुलिस उसे जीवित जान कर अस्पताल ले आई जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिरफिरे किशनपाल की मौत के बाद पुलिस ने उसके शव को अपने कब्जें में लेकर पोस्टमार्टम को जिला मुख्यालय भेज दिया है। किशन पाल की मौत को लेकर तमाम चर्चाएं व्याप्त है।
सिरफिरा था किशनपाल अपने रिश्तेदारों के अलावा ग्रामीणों पर कर चुका था हमला
गांव में हो रही चर्चाओं को माने तो किशनपाल सिरफिरा किस्म का व्यक्ति था और वह कई ग्रामीणों के अलावा अपने रिश्तेदारों पर चाकू और धारदार हथियारों से वार कर उन्हें घायल कर चुका था और वह अक्सर नशे में रहता था। किशनपाल से परिजनों ने भी उससे किनारा कर रखा था उसके दो बेटे हैं एक बेटा गांव में रहता है तो दूसरा बेटा अपनी मां के साथ दिल्ली में रहकर जीवन यापन करता है यही कारण है कि जब उसकी मौत हुई तब गांव में रहने वाला बेटा भी उसकी लाश के पास मौजूद नहीं था ।





