उझानी

व्यापारी युवक बैनर लेकर थाने गेट पर हुआ खड़ा, मांगा न्याय, पुलिस पर दो लाख रुपया मांगने का भी लगाया आरोप

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उझानी,(बदायूं)। नगर के घंटाघर मार्केट में दवाईयों एवं बिजली के थोक कारोबारी की दुकान से उसके ही कर्मियों ने धीरे-धीरे लाखों का माल चोरी कर लिया। जब दुकानदार ने नौकरों की चोरी पकड़ी तब वह काम छोड़ गए। इस मामले को लेकर पीड़ित व्यापारी ने उझानी पुलिस को तहरीर दी लेकिन फिर भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के बजाय उसे लगातार टहला रही है। रविवार को पीड़ित व्यापारी इंसाफ की मांग को लेकर बैनर के साथ कोतवाली गेट पर खड़ा हुआ। व्यापारी ने आरोप लगाया है कि पुलिस एफआईआर के नाम पर उससे दो लाख रुपया मांग रही है।

रविवार की शाम थाने के गेट के बाहर एक युवक को इंसाफ देने के बैनर के साथ खड़ा देख नागरिक एकत्र हो गए। इस दौरान जब युवक से पूछा गया तो उसने अपना नाम रोबिन जैन बताते हुए कहा कि उसकी दवाईयों और बिजली की थोक की दुकान है। उसने बताया कि दुकान पर एकाउंटेंट कुश अग्रवाल और माल सप्लाई करने वाले दिलीप यादव पिछले चार से दुकान का माल चोरी कर रहे है। रोबिन ने बताया कि चोरी की जानकारी उसे गत जनवरी माह में हुई तब उसने पुलिस को तहरीर दी। पीड़ित रोबिन का कहना है कि दोनों कर्मियों ने चार साल में करीब 15 लाख रुपया का माल चोरी किया हैै। व्यापारी का कहना है कि उसने कम्प्यूटर के जरिए चोरी की पूरी डिटेल निकाल ली और पूरे साक्ष्यों के साथ पुलिस को तहरीर दी। उसका कहना है कि पुलिस उसकी सुनने को तैयार नही है। उसने बताया कि पुलिस को उसकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर उसका चोरी गया माल दिलवाना चाहिए मगर पुलिस उसकी रिपोर्ट दर्ज करने को भी तैयार नही है।

रोबिन का कहना है कि वह दो महीने से कई बार पुलिस को तहरीर दे चुका है इसके बाद भी उसकी सुनने को पुलिस तैयार नही है। उसने आरोप लगाया है कि कुछ पुलिस कर्मी उससे रिपोर्ट दर्ज कराने के नाम पर दो लाख रुपया मांग रहे है। उसका कहना है कि उसकी दुकान से उसके कर्मी 15 लाख का माल चोरी कर चुके है और अब पुलिस को दो लाख रुपया चाहिए तभी उसकी रिपोर्ट दर्ज होगी। रोबिन ने बताया कि उसका गांधीवादी आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक पुलिस उसे इंसाफ नही दे देगी। इस मामले में जानकारी करने पर प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया उनके पास कोई तहरीर या सीसीटीवी फुटेज व्यापारी ने पुलिस को नही दी है। उनका कहना है कि दो लाख रुपया मांगने का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है कोई भी किसी पर कैसा भी आरोप लगा सकता है। थाना प्रभारी ने बताया कि अगर वह पुलिस को साक्ष्य आदि देता है तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।

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