उझानीजनपद बदायूं

उझानी में रहस्यमयी बुखार से आशा कार्यकत्री की गई जान, जांच में जुटा स्वास्थ्य विभाग

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उझानी(बदायूं)। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात एक आशा कार्यकत्री की रहस्यमयी बुखार के चलते मंगलवार को मौत हो गई। उसकी मौत से जहां परिवार में कोहराम मच गया वही आसपास क्षेत्र में बुखार की दहशत बन गई। आशा की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग बुखार की जांच की बात कह रहा है।

ब्लाक क्षेत्र के गांव फूलपुर निवासी 40 वर्षीय गीता पत्नी विनोद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आशा कार्यकत्री के रूप में कार्यरत् है। बताते हैं कि सोमवार की शाम गीता की अचानक तबीयत खराब हो गई और उसे तेज बुखार आ गया।ं बताते हैं कि गीता के परिजनों ने उसका इलाज डाक्टरों से कराया लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार न आ सका। बताते हैं कि आज सुबह आशा कार्यकत्री गीता की रहस्यमयी बुखार से मौत हो गई। गीता की मौत पर उसके परिवार में कोहराम मच गया। बताते हैं कि बुखार से गीता की मौत के बाद आसपास क्षेत्र में नागरिकों में रहस्यमयी बुखार की दहशत पैदा हो गई।

ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों कई गंभीर बीमारियां डेंगू, चिकिनगुनिया, मलेरिया, टाइफाइड, वायरल आदि बुखार का प्रकोप तेजी से चल रहा है जो कई बार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना हैं कि अब यह रहस्यमयी बुखार न जाने कहा से पैदा हो गया जो लोगों को अपनी चपेट में लेकर जानलेवा साबित हो रहा है। आशा कार्यकत्री गीता की मौत के बारे में जानकारी करने पर चिकित्साधिक्षक डा. राजकुमार ने बताया कि उन्हें आशा कार्यकत्री की मौत की सूचना प्राप्त हुई है और अब वह इस बुखार की जानकारी करा रहे हैं।

ठंड का प्रकोप बढ़ा मगर नही थम सकी बीमारियां
लगभग दो महीने से पूरे क्षेत्र में डेंगू, चिकिनगुनिया, टाइफाइड, वायरल समेत अन्य गंभीर बीमारियों से जहां कई महिला-पुरूषों की जान चली गई वही ठंड का प्रकोप बढ़ने पर इन गंभीर बीमारियों के प्रकोप पर अंकुश लग जाता है लेकिन इस बार ठंड बढ़ने के बाद भी गंभीर बीमारियां अपना रौद्र रूप दिखा कर लोगों की जान लेने पर तुली हुई है। कहा जाता है कि ठंड के असर से तमाम बीमारियांे का प्रकोप समाप्त हो जाता है लेकिन इस बार कुछ अलग ही नजारा बना हुआ है।

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