बदायूं। मंगलवार को दो युवतियों ने आपस में शादी कर ली। दोनों ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मंदिर में एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और साथ जीने-मरने की कसमें खाईं।
अलापुर कस्बे की रहने वाली आशा नामक युवती ने सिविल लाइन की रहने वाली ज्योति से शादी कर उसे अपनी पत्नी स्वीकार किया है। आशा ने अपना नाम भी बदल कर गोलू रख लिया है। आशा दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित एक बेबी केयर सेंटर में काम करती हैं। पांच भाइयों और पांच बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। वहीं ज्योति वर्तमान में उत्तराखंड के देहरादून में एक सिक्योरिटी एजेंसी में गार्ड हैं। वह दो बहनों में बड़ी हैं। दोनों ने बताया कि उनकी मुलाकात करीब तीन महीने पहले कचहरी परिसर में हुई थी। बातचीत के दौरान उन्हें एक-दूसरे के विचार पसंद आए। दोनों फोन पर बात करने लगे। फिर जीवनभर साथ रहने का निर्णय ले लिया।
दोनों ने बताया कि मुस्लिम युवकों ने हिंदू बनकर उनके साथ दोस्ती की थी। जब इस धोखे का पता चला तो टूट गए। तब से मर्दों से नफरत है। इसीलिए हमने एक दूसरे से शादी करने का निर्णय लिया। अब हम पति-पत्नी की तरह साथ रहेंगे। शादी कचहरी परिसर स्थित मंदिर पर कुछ अधिवक्ताओं की मौजूदगी में सम्पन्न हुई।




