उझानी

गंगा दशहरा पर कछला गंगा में कासगंज के किशोर की डूब कर हुई मौत, बदायूं की किशोरी लापता, कई को गोताखोरों ने बचाया

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उझानी,(बदायूं)। गंगा दशहरा पर्व पर कछला गंगा में स्नान का पुण्यलाभ लेने पहुंचे कासगंज के परिवार का किशोर अचानक गहरे पानी में पहुंच कर डूब गया। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे गंगा के पानी से बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। गंगा स्नान के दौरान बदायूं की एक किशोरी भी डूब कर लापता हो गई। गोताखोर उसकी तलाश कर रहे है। इधर गंगा स्नान के दौरान कई श्रद्वालु डूब गए जिन्हें समय रहते जीवित निकाल लिया गया।

कासगंज जनपद के कस्बा सिड़पुरा निवासी धर्मवीर का परिवार गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने कछला स्थित मां भागीरथी के तट पर आया था। बताते हैं कि परिवार के सभी सदस्य कासगंज छोर की ओर पुल के समीप स्नान कर रहे थे तभी अचानक धर्मवीर का 10 वर्षीय पुत्र लखन गंगा के गहरे पानी में समा गया। बताते हैं कि लखन को डूबता देख परिजनो ने शोर मचा कर गोताखोरों को बुला लिया। गोताखोरों ने गंगा नदी में उतर कर लखन की तलाश शुरू कर दी और कड़ी मशक्कत के बाद उसे गंगा से बाहर निकाल लिया। बताते हैं कि परिजन उसे जीवित समझ कर उझानी अस्पताल लेकर आए जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना पर पुलिस ने अस्पताल पहुंच कर किशोर के शव को अपने कब्जें में लेकर पीएम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। किशोर की मौत पर परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

बताते हैं कि गंगा स्नान के दौरान कासगंज जिले के थाना गंजडुंडवारा के गांव छितौरा निवासी किशोर भी गंगा नदी में स्नान करते वक्त डूब गया जिसे नाविक गोताखोरों ने समय रहते निकाल लिया। बताया जा रहा है कि गंगा स्नान के दौरान कई अन्य श्रद्वालु भी गंगा में डूब गए लेकिन गोताखोरो ने उन्हें जीवित निकाल लिया। दूसरी ओर बदायूं जनपद के मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव सगराय के रहने वाले कैलाश की 16 वर्षीय पुत्री नीतू अपनी दादी रामवती और सहेली 17 वर्षीय जगरात्रि के साथ गंगा स्नान करने कछला आई थी। बताते हैं कि स्नान के दौरान नीतू गंगा में समा गई तब इसकी सूचना जगरात्रि ने उसकी दादी को दी जिस पर उसने शोर मचा कर गोताखोरो को बुला लिया। गोताखोरो ने गंगा में उतर कर नीतू की तलाश की मगर उसका कोई पता न चल सका। बताते हैं कि नीतू के गंगा में डूब जाने की सूचना पर गांव से उसके माता पिता कछला गंगा घाट पहुंच गए। देर शाम तक परिजन घाट पर ही डटे हुए है।

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