उझानी,(बदायूं)। बदायूं जिले में आवारा गौवंशों को संरक्षित करने के लिए शासन लाखों रुपया प्रति माह खर्च कर रहा है इसके बाबजूद उझानी नगर में आवारा गौवंशों और सांडों का कहर गली-गली में देखने को मिल रहा है। शुक्रवार की शाम मिल कम्पाउंड में आपस में भिड़े सांडों ने कई दो पहिया वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया वही घरों के बाहर बैठी महिलाओं ने भाग कर अपनी जान बचाई। सांडो के कहर के बाद मौहल्लावासियों विशेषकर महिलाओं ने प्रशासन से सांडों को पकड़वाने की पुरजोर मांग की है।
शुक्रवार की शाम नगर के मिल कम्पाउंड स्थित महाराजा अग्रसेन धर्मशाला के समीप अचानक दो आवारा सांड आपस में भिड़ कर मल्लयुद्ध करने लगे। इस दौरान आसपास घरों के बाहर खड़े कई दोपहिया वाहन सांडों ने क्षतिग्रस्त कर दिए। इस दौरान वहां से गुजरने वाले कई वाहन चालकों ने अपने वाहन सड़कों पर छोड़ कर अपनी जान बचाई। बताते है कि शाम के वक्त महिलाएं अपने घरों के बाहर बैठी हुई थी जबकि बच्चें गली में खेल रहे थे लेकिन जब सांड आपस में लड़े तो महिलाओं और बच्चों को अपनी जान बचानी मुश्किल हो गई।
यहां बताते चले कि उझानी नगर में बाजारों से लेकर गली-गली आवारा गौवंशों की भरमार बनी हुई है। जिला और नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते आवारा गौवंश और सांडो का मल्ययुद्ध आए दिन देखने को मिलता रहता है जिसकी चपेट में आकर नागरिक विशेषकर महिलाएं और बच्चें चुटैल हो जाते है। आवारा गौवंशों और नागरिकों की तमाम शिकायतों के बाद भी आवारा गौवंशों को गौशालाओं तक भेजने की जरूरत नही समझता है जिसके चलते नगर में आवारा सांडों और गौवंशों की संख्या में निरंतर वृद्धि होती जा रही है जो किसी दिन जनमानस के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।




