उझानी,(बदायूं)। मदर शील मेमोरियल एकेडमी, उझानी में बैसाखी और डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन बड़े उत्साह एवं हर्षाेल्लास के साथ किया गया। विद्यालय परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक भारत थरेजा ने दीप प्रज्ज्वलन करके कराया। इसके बाद विद्यार्थियों ने बैसाखी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पंजाबी लोकनृत्य प्रस्तुत किया। नृत्य के माध्यम से फसल कटाई की खुशी और बैसाखी पर्व की सांस्कृतिक विरासत को सुंदर ढंग से दर्शाया गया।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य रेनू थरेजा ने विद्यार्थियों को बताया गया कि बैसाखी मुख्यतः रबी फसलों की कटाई का पर्व है, जिसमें गेहूं, जौ, चना और सरसों जैसी फसलों की अच्छी पैदावार की खुशी मनाई जाती है। यह पर्व किसानों के परिश्रम और समृद्धि का प्रतीक है तथा भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखता है। कार्यक्रम के दूसरे चरण में विद्यार्थियों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष, संविधान निर्माण में योगदान तथा समानता, शिक्षा और अधिकारों के महत्व पर प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए।
विद्यार्थियों के विचारों में आत्मविश्वास, जागरूकता और प्रेरणा स्पष्ट रूप से दिखाई दी। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस दौरान “जय जवान, जय किसान”, “जय भीम” और “शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है” जैसे प्रेरणादायक नारे भी प्रस्तुत किए गए। विद्यालय निदेशक भारत थरेजा ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, त्योहारों एवं महान व्यक्तित्वों के प्रति जागरूक करना है।






