बदायूं। जिले के कस्बा उझानी में सड़क चौड़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा खुदवाएं गए गड्ढें अब आम आदमी के लिए जानलेवा साबित होने लगे है। गहरें गड्ढों में आए दिन वाहन गिर रहे है जिससे नागरिकों को शारीरिक क्षति उठानी पड़ रही है। बुधवार की रात सड़क किनारे खोदे गए गड्ढों में सवारियों को ले जा रहा एक ई रिक्शा का पहिया गड्ढें में चले जाने की वजह से अचानक पलट गया जिससे उसमें सवार करीब दस महिला-पुरूष और बच्चें घायल हो गए। घायलो में एक बच्चें की हालत नाजुक बनी हुई है उसे मेडीकल कालेज इलाज के लिए भेजा गया है।

थाना उझानी क्षेत्र के गांव देवरमई पूर्वी निवासी राजेन्द्र और भूरे का परिवार मां पूर्णागीरि के दर्शन करके वापस बुधवार की रात उझानी लौटा था। बताते है कि दोनों परिवारों के सदस्य एक ई रिक्शा में सवार होकर अपने गांव लौट रहे थे। बताते है कि सवारियों से भरा ई रिक्शा नगर के कछला रोड स्थित गौशाला मोड़ के समीप पहुंचा ही था कि सड़क चौड़ीकरण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढें में ई रिक्शा का पहिया चला गया जिससे ई रिक्शा गड्ढें में जा गिरा। बताते है कि ई रिक्शा गड्ढें में गिरने से उसमें सवार सभी महिला-पुरूष और बच्चें उसके नीचे दब गए और चीख पुकार करने लगे। बताते है कि हादसे पर जुटे नागरिकों ने मौके पर पहुंच कर ई रिक्शा सीधा कर उसमें दबे लोगों को निकाला और पुलिस को सूचना दी।
बताते है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलो विजय कुमारी पत्नी भूपेन्द्र, रवेन्द्र पुत्र भूरे, राजेन्द्र कुमार और उसकी पत्नी मनोराम, हिमांशु, कमला देवी और उसका पति भूरे का उपचार के लिए सीएचसी भेजा जहां सभी घायलो को प्राथमिक उपचार किया गया। घायलो में आठ साल के शिवा पुत्र राजेन्द्र की नाजुक हालत को देखते हुए डाक्टर ने उसे इलाज के लिए मेडीकल कालेज रैफर कर दिया है। सवारियों ने ई रिक्शा चालक पर शराब पी कर रिक्शा चलाने का भी आरोप लगाया है। फिलहाल ई रिक्शा चालक पुलिस की हिरासत में बताया जा रहा हैैं।





