- परिजनों का आरोप, गोताखोरों से रिरयाते रहे मगर उन्होंने गंगा से डूबे किशोर को नही निकाला
- पुलिस के आने पर गोताखोर गंगा में उतरे और फिर डूबे वाले स्थान पर मिला किशोर का शव, पुलिस ने कराया पीएम
उझानी,(बदायूं)। कछला गंगा में गुरूवार को राजस्थान प्रदेश के एक किशोर स्नान करते वक्त गहरे पानी में समा गया जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के पहुंचने के बाद गोताखोरों ने गंगा में उतर कर किशोर का शव निकाला। पुलिस ने शव को पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। किशोर की असमय हुई मौत से परिजनो में चीत्कार मच गई है। प्रशासनिक और नगर पंचायत प्रशासन की लाहपरवाही के चलते आए दिन गंगा में हादसे हो रहे है और श्रद्धालु गहरे पानी में डूब कर मौत का शिकार बन रहे है।
बताते है कि राजस्थान प्रदेश के जिला अलवर के थाना कटूमर के गांव सेक निवासी एक परिवार गंगा स्नान करने के लिए गुरूवार को कछला स्थित मां भागीरथी के तट पर पहुंचा था। बताते हैं कि परिवार के सभी सदस्य गंगा स्नान कर रहे थे इसी दौरान साथ आए किशोर करन पुत्र अशोक कुमार अचानक स्नान करते समय गहरे पानी में पहुंच कर डूब गया। करन को डूबता देख परिजनों ने शोर मचाया मगर कोई गोताखोर गंगा में नही उतरा तब परिजनों ने पुलिस को सूचना दी जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों को गंगा नदी में उतारा।
बताते हैं कि गोताखोरो ने कड़ी मशक्कत के बाद करन को गंगा से निकाल लिया और उसके जीवित होने की आस में उसे लेकर उझानी अस्पताल पहुंचे लेकिन डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। किशोर को मृत घोषित करते ही परिवार में कोहराम और चीत्कार मच गई। बताते हैं कि परिजनों ने पुलिस से किशोर के शव का पीएम न कराने का अनुरोध पुलिस से किया मगर पुलिस नही मानी और शव का पीएम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। यहां बताते चले कि प्रशासनिक लाहपरवाही के चलते कछला गंगा घाट पर आए दिन हादसे देखने को मिल रहे है और गंगा में डूबने से कोई न कोई श्रद्धालु अकाल मौत का शिकार बन रहा है। लगातार हो रहे हादसों के बाद भी प्रशसानिक स्तर पर श्रद्धालुओं के लिए स्नान का स्थान चिन्हित नही किया गया है।
परिजनों का आरोपः गोताखोर चाहते तो बच सकती थी करन की जान
किशोर की मौत के बाद परिजनों ने घाट पर मौजूद गोताखोरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब करन गंगा में डूबा था तब उन्होंने मौजूद गोताखोरों से करन को गंगा से निकालने के लिए कहा मगर कोई भी गोताखोर मदद को नही आया। परिजनो का कहना है कि जब उनके रिरयाने का कोई असर गोताखोरों पर नही हुआ तब उन्होंने पुलिस को सूचना दी जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची तब गोताखोर गंगा में उतर गए और करन को डूबे वाले स्थान से निकाल लाए। परिजनों का कहना है कि अगर गोताखोर उनकी बात मान जाते तो शायद करन उसके बीच जीवित होता।




