बदायूं। जिले के थाना उझानी क्षेत्र के गांव मीहलाल नगला में गुरूवार की सुबह दो मंजिला मकान अचानक भरभरा कर गिर गया। हादसे में एक महिला समेत भैंस और उसके बच्चें की मौत हो गई। इस दौरान मकान के अंदर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों को मामूली चोटें आई है। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने राहत बचाव कार्य करते हुए मलबे को हटा कर महिला और पशुओं के शवों को बाहर निकाला। हादसे के बाद महिला के परिवार में चीत्कार मच गई है।

उझानी-भदरौल मार्ग स्थित गांव मीहलाल नगला निवासी प्रताप सिंह और बादाम सिंह नामक दो भाई सड़क किनारे खेत में बने दो मंजिल मकान मकें अपने परिवार के साथ रहते है। बताते है कि मकान के अगले हिस्से में पशुपालन होता है जबकि पीछे के हिस्से में दोनों के परिवार निवास करते है। बताते है कि गुरूवार की सुबह करीब छह बजे दो मंजिला मकान का अगला हिस्सा अचानक भरभरा कर गिर गया। बताते है कि इस दौरान भैंसों की सानी कर रही प्रताप की 50 वर्षीय पत्नी अगरबती मय भैंसों के मलबे में दब गई। अचानक हुए हादसे से पूरे गांव में अफरा तफरी मच गई और ग्रामीण राहत एवं बचाव के लिए दौड़े चले आए और मलबा हटना शुरू कर दिया।
बताते है कि इस बीच हादसे की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और बुलडडोजर के जरिए मलबा हटना शुरू कर दिया। बताते है कि मलबा हटाने पर सबसे पहले अगरबती को मृतावस्था में निकाला गया। महिला की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया और परिवार में चीत्कार मच गई। पुलिस ने बुलडोजर से मलबा हटवाया तब एक भैंस और उसके बच्चें को मृतावस्था में निकाला गया। मकान गिरने से परिवार को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मुआवजा दिए जाने की मांग की है। पुलिस ने महिला अगरबती के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
पति है मानसिक रूप से कमजोर, मृतका के है पांच बच्चें
ग्रामीणों की माने तब हादसे के दौरान मृतका अगबती का पति प्रताप सिंह दूसरी मंजिल पर था और जैसे ही मकान गिर वह नीचे कूद गया जिससे उसके चोंटे आई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रताप मानसिक रूप से कमजोर है जिससे उसे हादसे या उसकी पत्नी की मौत के बारे में अभी कोई जानकारी नही है।
तीन दिन पहले ही भैंस ने बच्चें को दिया था जन्म
हादसे में अपने बच्चें के साथ मौत का शिकार बनी भैंस ने तीन दिन पहले ही एक बच्चें को जन्म दिया था जो उसके साथ ही मौत का शिकार बन गया।





