उझानी(बदायूं)। नगर पालिका परिषद प्रशासन और पालिका की चेयरपर्सन की शह पर नियमों को दर किनार कर मनमाने तरीके से पालिका की दुकानों को तोड़ कर उसका पुनः निर्माण अवैध किराएदार कराने में लगे हुए है। पालिका प्रशासन अवैध तरीके से हो रहे निर्माण को रोकने के बजाय अंजान बना हुआ है वही सरकारी सम्पत्ति की संरक्षक पालिका की चेयरपर्सन ने भी अपनी मूक सहमति अवैध किराएदारों को दे दी है जिससे अवैध किराएदारों के हौंसले बुलंद है। सरकारी सम्पत्तियों पर अवैध रूप से अतिक्रमण हो रहा है इसके बाद भी जिला प्रशासन अपनी आंखे खोल पर अवैध किराएदारों की मनमानी पर रोक नही लगा पा रहा है।
उझानी की पुरानी अनाज मंडी में नगर पालिका परिषद की दुकान नम्बर 44 किसी हरी बाबू के नाम आबंटित है। इस दुकान के पिछले काफी समय से लाखों रुपया में बिकने की चर्चा व्याप्त थी। पिछले दिनों दिनों अचानक इस दुकान को तोड़ दिया गया और उसका पुनः निर्माण प्रारंभ हो गया तब जाकर नागरिकों को लगा कि चर्चा ऐसे ही नही हो रही थी। चर्चाओं को माने तब यह दुकान एक सर्राफ ने अवैध रूप से खरीदी थी और अब उक्त सर्राफ ने बड़ी कीमत लेकर एक परचून दुकानदार को अवैध रूप से बेंच दी और जब दुकान को तोड़ कर पुनः निर्माण शुरू हुआ तब इस खेल की पोल खुली। बताते हैं कि अवैध किराएदार ने दुकान का अंदुरूनी हिस्सा पहले से ही बिना दुकान तोड़े सारे नियमों-कानूनों को ताक पर रख कर पहले ही नियमों से अधिक ऊंचाई तक निर्माण करा लिया और फिर पूरी दुकान का निर्माण शुरू कराया जो पूर्ण होने के कगार पर है।
दुकान पुनः निर्माण के बारे में सच्चाई जानने के लिए दो दिन पूर्व जब पालिका के ईओ से जानकारी ली गई तब एक ही रटा रटाया जबाब दिया कि कौन सी दुकान का निर्माण हो रहा है उनकी जानकारी में नही है और वह जानकारी कराएंगे। दूसरे जब जानकारी ली गई तब ईओ अब्दुल सबूर ने बताया कि फाइल चेयरपर्सन के यहां है लेकिन उन्होंने कहा कि वह किराएदार को नोटिस भेज रहे हैं। ईओ ने पालिका कर्मी से पुनः निर्माण हो रही दुकान का निरीक्षण तो करा लिया मगर अवैध रूप से हो रहे निर्माण को रोकने का कोई प्रयास नही किया जिससे प्रतीत होता है कि पालिका प्रशासन पालिका की सम्पत्ति को किस प्रकार से संरक्षित कर रहे है। यही हाल कामोवश चेयरपर्सन का रहा। जब चेयरपर्सन के पति पूर्व मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल ने पहले तो उन्होंने फोन काल रिसीव नही की फिर बुधवार को जब वास्तविक स्थिति को जानने का प्रयास फोन काल के जरिए किया तब चेयरपर्सन पति श्री अग्रवाल बोले कि वह कोर्ट में है फिर बात करेंगे और इसके बाद फोन काल रिसीव ही नही हुई।
ईओ को पता नही है कि पुनः निर्माण में दुकान की ऊंचाई कितनी होनी चाहिए
नगर पालिका परिषद के कार्यालय में पहुंच कर जब ईओ से दुकान के पुनः निर्माण के नियमों के बारे में जानने का प्रयास किया मगर उन्हें स्वयं् ही नही मामूल है कि पुनः निर्माण में सरकारी दुकानों की ऊंचाई कितनी होनी चाहिए। पुनः निर्माण पर होने वाले व्यय पर ईओ अब्दुल सबूर बोले कि किराएदार अपने खर्चे पर पुनः निर्माण करा सकता है लेकिन नियमानुसार, जब उनसे कहा कि दुकान नम्बर 44 कि पुनः निर्माण में कोई नियम ही नही है इस पर वह चुप्पी साध गए।





