उझानी

देश के सारे बेईमान चाहते नौकर बाईमान। बनेगा विश्व गुरु कैसे बताओ अपना हिन्दुस्तान

Up Namaste

उझानी, (बदायूं)। स्वतंत्रता दिवस के पावन पुनीत अवसर पर संस्कार भारती उझानी के तत्वावधान में एक वृहद काव्य गोष्ठी समिति के कोषाध्यक्ष प्रजीत वार्ष्णेय के आवास पर आयोजित की गई। गोष्ठी का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित करने के उपरांत संस्कार भारती का ध्येय गीत के साथ किया गया।गोष्ठी में नगर के वरिष्ठ व देश के प्रतिष्ठित कवि टिल्लन वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में पधारे। उन्होंने सुनाया
देश के सारे बेईमान चाहते नौकर बाईमान। बनेगा विश्व गुरु कैसे बताओ अपना हिन्दुस्तान।।
डॉ गीतम सिंह ने सुनाया
सरहद के अमर शहीदों को अर्पित सुमन करें। आजादी के दीवानों को हम सौ सौ नमन करें।इनके बलिदानों की खातिर अमृत उत्सव आया। अमृत उत्सव द्वारा उनके पूरे सपन करें।।
डॉ प्रभाकर मिश्रा सुनाया – आओ हम सब मिलकर के अब राष्ट्र गान को गाएं।राष्ट्र गान को गाकर के हम देश का मान बढ़ाएं। ग़ज़लकार संजीव अमर ने कहा- आज आजाद हम हो गए, गम हमारे भी कम हो गए।जब तिरंगा ही फहरा दिया दूर हमसे वो गम हो गए। शैलेंद्र घायल ने पढ़ा कि- नए युग की शम्मा जलानी पड़ेगी धधकती हुई ज्योति लानी पड़ेगी। उठो हिन्दपुत्रो शपथ बन रुधिर की ये राज की जड़ हिलानी पड़ेगी।
अन्य कवि हरिहर शर्मा, दाताराम शर्मा, संजीव, महक, प्रजीत वार्ष्णेय, नमन गुप्ता, पल्लव, विजय भगत ने भी अपनी अपनी रचनायें पढ़ी।गोष्ठी का संचालन डॉ प्रभाकर मिश्रा ने किया। अंत मे कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रजीत जी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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