बदायूं। न्यायालय सुरक्षा में तैनात दरोगा मेघश्याम गौतम की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगने से हुई मौत के मामले में मृतक दरोगा के परिजनों ने न्यायालय सुरक्षा प्रभारी इंस्पेक्टर शाहिद अली पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि लगातार दबाव और उत्पीड़न के चलते ही मेघश्याम गौतम ने आत्मघाती कदम उठाया। मामले में परिजनों ने पुलिस प्रशासन को तहरीर देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के अनुसार दरोगा मेघश्याम गौतम काफी समय से अपने प्रभारी अधिकारी के व्यवहार से परेशान चल रहे थे। उन्होंने कई बार परिवार के सदस्यों से अपनी मानसिक पीड़ा साझा की थी। परिजनों का आरोप है कि लगातार मिल रही प्रताड़ना और मानसिक दबाव ने उन्हें तोड़ दिया और उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। परिजनों ने दावा किया है कि उनके पास कुछ कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं, जो उनके आरोपों की पुष्ट कर सकते हैं। परिजनों का कहना हे कि इन साक्ष्यों को जल्द ही जांच अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कहा कि परिजनों की ओर से तहरीर प्राप्त हो चुकी है और उनके द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले सभी साक्ष्यों की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जाएगी। एसएसपी ने बताया कि अब तक विभागीय रिकॉर्ड में इस संबंध में कोई पूर्व शिकायत दर्ज नहीं मिली है, लेकिन जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




