उझानी/ बदायूं। उझानी के मिल कम्पाउंड स्थित अग्रसेन धर्मशाला में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन कथावाचक परम पूज्य प्रवीन महाराज ने शिव जी के रुद्राक्ष महिमा का वर्णन किया गया। रुद्राक्ष की महिमा के विषय में बताया कि रुद्राक्ष साक्षात शिव स्वरूप है, रुद्राक्ष दो प्रकार के होते हैं कि रुद्राक्ष और भद्राक्ष। रुद्राक्ष के साथ भद्राक्ष धारण करने का बड़ा फल है। कथा वाचक ने भगवान शिव को औघड़गानी भी बताया कि कैसे भगवान शिव की तपस्या करके विकासुर नाम के राक्षस ने वरदान प्राप्त किया और भगवान शिव ने ऐसा वरदान दे दिया जिससे भगवान शिव के प्राण ही संकट में पड़ गये तो भगवान नारायण ने उनकी रक्षा की।
कथा में सुंदर सुमधुर भजनों पर शिव भक्तों ने नृत्य किया जिससे पूरा वातावरण शिवमय प्रतीत हो रहा था। आज कथा श्रवण करने वालों में हृदेश गोयल, राजकुमार शर्मा,पवन कुमार शर्मा, कौशन किशोर शर्मा,विष्णु सोलंकी,रोहित सक्सेना, विनीता गोयल,पंकजलता त्रिवेदी,अंजू मिश्रा,प्रभा गोयल, ऊषा गोयल और विभांशु दत्त सहित सैकड़ों शिवभक्तों ने भागीदारी की।





