उझानी

सुव्यवस्थित जीवन के लिए पारंपरिक ज्ञान प्रणाली को अपनाना ही होगा: थरेजा

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उझानी: महात्मा गांधी पालिका इंटर काॅलेज की बाल वैज्ञानिक छात्राओं ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के अंतर्गत ‘‘सतत जीवन हेतु पारंपरिक ज्ञान प्रणाली की आवश्यकता‘‘ विषय पर मुहल्लों में जागरूकता अभियान चलाया गया।

शिक्षक श्रवण कुमार थरेजा ने कहा कि सुव्यवस्थित जीवन के लिए हमें पारंपरिक ज्ञान प्रणाली को अपनाना ही होगा। आज हम बाजारों में बिकने वाले तेलों, खाद सामग्री को देखें तो पहले जैसा स्वाद नहीं मिलता है और न पोषक तत्व मिलते हैं। हमें अपने जीवन को स्वस्थ और निरोगी बनाने के लिए फसलों में भी रसायनिक खादंे नहीं, गोबर की देशी खादें लगानी होंगी। श्री थरेजा के नेतृत्व में छात्रा स्नेहलता जैन और प्राची तोमर ने नगर के मुहल्ला गौतमपुरी, अयोध्यागंज में घर-घर जाकर पारंपरिक ज्ञान प्रणाली से लोगों को अवगत कराया। छात्राओं ने बताया कि हम यूरिक एसिड, आर्थराइटिस से स्वयं ही तमाम बीमारियों को दावत देते चले आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि भगौने में बनी दाल, सिलबट्टे पर पिसे मसाले और कढ़ाई में बनी सब्जी खानें से हम विभिन्न रोगों और बीमारियों से बच सकते हैं।

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