बदायूं। मेेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए बदायूं जनपद निर्माण कराने वाली कम्पनी द्वारा कराएं गए खनन से बने गहरें गड्ढे बरसाती पानी भर जाने के चलते बच्चों की मौत का कारण बनते जा रहे हैं। दो बच्चों की मौत के बाद शनिवार को गड्ढें में भरे पानी में डूब कर दो और बच्चों की मौत हो गई। हादसे पर जुटे ग्रामीणों ने बच्चों के शव जैसे तैसे गहरें पानी से निकाले। इस हादसे से गुस्साएं ग्रामीणों ने कम्पनी के कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया तब कही जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला।

इस बार हादसा उघैती थाना क्षेत्र में हुआ है। क्षेत्र के गांव एपुरा निवासी 12 वर्षीय समीर पुत्र शफी और 10 वर्षीय फुरकान पुत्र तसब्बुर आज दोपहर अपने घर से धान लगवाने के लिए खेत पर जा रहे थे। इसी दौरान दोनों किशोर पैर फिसलने से एक्सप्रेस वे के लिए किए गए खनन से बने गहरें गड्ढें में भरे गहरें पानी में जा गिरे और डूबने लगे। बताते हैं कि हादसे पर आसपास काम कर रहे किसान जब तक दौड़ कर आए तब तक दोनों डूब चुके थे। बताते हैं कि कई ग्रामीण पानी में कूद गए और दोनों बच्चों को निकला लेकिन वह दोनों मौत का शिकार बन चुके थे। हादसे पर पहुंचे परिजनों ने दोनों बच्चों के शव देखें तो वह बेहाल हो गए।
बताते हैं कि दोनों बच्चों की मौत पर गुस्साएं ग्रामीणों ने सड़क को जाम कर दिया। जाम और हादसे की सूचना पर पहुंचे एसडीएम विजय मिश्र और सीओ पवन कुमार मौके पर पहुंचे और बच्चों के परिजनों से बात की तब परिजनों ने दोनों बच्चों की मौत के लिए कम्पनी के कर्मियों को जिम्मेदारा ठहराया और उनके खिलाफ काननूी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना हैं कि गंगा एक्सप्रेस वे के लिए कम्पनी के अधिकारियों और कर्मियों ने आवश्यकता से अधिक खनन सरकारी अधिकारियों की शह पर कर लिया जिससे गहरें गड्ढ़े हो गए जो मौत के गड्ढ़ें बन चुके हैं। अधिकारियों ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वसान दिया तब कही जाकर जाम खुला। पुलिस ने बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सौंप दिए है।





