उझानी,(बदायूं)। ब्लाक क्षेत्र के गांव बरसुआ में गांव मिर्जापुर से दूदेनगर और खेतों में आने जाने के लिए कच्चें रास्ते पर खंड़जा निर्माण का पिछले काफी समय से मांग कर रहे ग्रामीणों की न तो प्रधान ने सुनी और न ही जिला प्रशासन ने उनकी परेशानी को समझने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने परेशान हो कर टैक्टरों की मदद से मिट्टी आदि डाल कर खेतों तक आवागमन का रास्ता श्रमदान कर बनाया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से उक्त रास्ते पर खडं़जा निर्माण कराएं जाने की पुरजोर मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनके खेतों तक आवागमन के लिए कच्चा रास्ता बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि इस कच्चें रास्ते पर मिट्टी आदि कम हो जाने से गड्ढें हो जाते थे जिससे ग्रामीणों और किसानों को आवागमन में भारी दिक्क्तें उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि वह सभी पिछले काफी समय से ग्राम प्रधान से कच्चें रास्ते पर खडंजा निर्माण के लिए मांग कर रहे थे लेकिन प्रधान उनकी सुनने को तैयार नही है। ग्रामीणों ने बताया कि वह कई बार जिला प्रशासन के समक्ष अपनी मांग दोहरा चुके है लेकिन जिला प्रशासन ने खडंजा निर्माण की मांग को सुनकर अनसुना कर दिया। ग्रामीण राजू शाक्य ने बताया कि यह कच्चा रास्ता मिर्जापुर और दूदेनगर गांव तक भी जाता है।
ग्राम प्रधान और जिला प्रशासन से निराश किसानों और ग्रामीणों ने खुद ही कच्चें रास्ते को आवागमन के लिए तैयार करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने तस्लीम, रामकिशोर, कालू, ओमसिंह, विद्याराम, रोहताश, मानवीर, शिशुभान समेत अन्य के टैक्टरों से आज श्रमदान कर कच्चें रास्ते पर मिट्टी आदि डाल कर उसे समतल कराया और रास्ते को आवागमन के लायक बनाया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में श्रमदान करना पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि फिलहाल तो श्रमदान कर रास्ता बना लिया मगर बरसात आदि से यह रास्ता खराब हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन स्थाई रूप से कच्चें रास्ते पर खडंजा निर्माण करा दे तो उनका आवागमन सुलभ हो सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से कच्चें रास्ते पर खडं़जा निर्माण की पुरजोर मांग की है।





