उझानी,(बदायूं)। नगर क्षेत्र की आशा वर्करों ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और ऐलान किया कि जब तक उनकी मांगे पूरी न होंगी तब तक कामबंद हड़ताल रहेगी।
सोमवार को नगर क्षेत्र की आशा कार्यक़त्रियां अस्पताल परिसर में एकत्र हुई और उसके बाद सभी ने एकजुटता के साथ अपना मानदेय बढ़ाने की मांग को दोहराते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान आशाओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनको केवल दो हजार रुपया मासिक मानदेय मिलता है जो उनके आवागमन में ही खर्च हो जाता है। आशाओं का कहना है कि जब वह क्षेत्र में काम करने जाती है या फिर किसी प्रसूता को अस्पताल तक लाने की बात आती है तब उन्हें इस कार्य में आने वाला खर्च खुद जेब से भुगतना पड़ता है।
आशाओं का कहना है कि उनकी जेब से होने वाले खर्च को लेने हेतु वाउचर एएनएम को देतीं है तब उन्हें दुत्कार ही मिलती है जिससे आशाओं के पास से होने वाला खर्च उन्हें नही मिल पाता है। आशाओं का कहना है कि हाल में ही प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों के अलावा आगनबाड़ी वर्करों के मानदेय को दुगना कर दिया मगर आशाओं के हितों को दर किनार कर दिया। आशाओं का कहना है कि आज की महंगाई के दौरान में दो हजार रुपया का मानदेय केवल हास्यापद ज्यादा लगाता है। आशाओं का कहना है कि वह सरकार की हर योजना का पूरे क्षेत्र में क्रिन्यान्वयन कराने में पीछे नही रहती है और हर योजना को जन-जन तक पहुंचाने में लगी रहती है इसके बाद भी उनका आर्थिक और मानसिक शोषण हो रहा है जिसे अब बर्दाश्त नही किया जाएगा और मांगे पूरी होने तक कामबंद हड़ताल जारी रहेगी।
आशा वर्करों ने अपनी मांगों से जुड़ा एक ज्ञापन सीएमओ को भेज कर मानदेय बढ़ाने के साथ होने वाले खर्च को प्रत्येक माह दिलवाने की मांग की है। इस अवसर पर आरती कश्यप, पूनम मौर्य, बाहरा, शशी पाली, रेश्मा, रूबी, फातिमा बेगम, रूपेश कुमारी, आशा कुमारी, हेम कुमारी, नीतू शर्मा, ज्योति, रानी सक्सेना, रीना, नीलम यादव, शोभा मिश्रा, मीना समेत अन्य आशा बहने मौजूद रही।





