जनपद बदायूं

मनुष्य को अपने विचारों में स्वच्छता रखनी चाहिए: बाबा फुलसंदे

बदायूं। स्थानीय जोगीपुरा स्थित गुरुद्वारे में चल रहे त्रिदिवसीय सत्संग का बुधबार को को समापन हो गया।
सत्संग के तीसरे व अंतिम दिन सतपुरुष बाबा फुलसंदे वालो ने कहा कि सद्व्यवहार और परोपकार के बिना मनुष्य का जीवन निष्फल है जो व्यक्ति ईश्वरीय आज्ञा का पालन करके कार्य करता है उस व्यक्ति की अन्य लोग भी आज्ञा मनते हैं और वह कार्य बिना अवरोध के अपने अंजाम तक पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार व्यक्ति अपने आस.पास साफ.स्वच्छ स्थान रखता है उसी प्रकार मनुष्य को अपने विचार में भी स्वच्छता व शुद्धता रखनी चाहिए, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता से पहले व्यक्ति को अपने मन की स्वच्छता बहुत आवश्यक है। सत्पुरुष बाबा फुलसंदे वालो ने कहा कि मनुष्य को बुराइयों से दूर रहने के लिए हर सम्भव प्रयास करने चाहिएए पुण्य कर्मों के लिए प्रत्येक मनुष्य अग्रसर रहना चाहिए। इस अवसर पर नगर के प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने अपने.अपने शब्दों में बाबा के चरणों में समर्पित विचार रखे व सतसंग के अंतिम दिन सतपुरूष बाबा फुलसंदे वालो के प्रवचन के बाद आरती से पूर्व आध्यात्मिक रचनाएं प्रस्तुत की। इस अवसर पर डा. राम बहादुर व्यथित, स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता एडण्, राजीव सक्सेना, अशोक खुराना रंजीत राठौर, गंगा प्रसाद गुप्ता, उज्जवल वशिष्ठ, वीरेन्द्र धींगड़ा, गुलाब सिंह राठौर, षटवदन शंखधार, स्वप्निल भण्डारी, अजय पाल सिंह, सुरेश चन्द्र शंखधार, महावीर प्रसाद शर्मा, सुधीर सक्सेना व अशोक कुमार अमीन आदि उपस्थित रहे।

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